पाकिस्तान को फिर याद आया ऑपरेशन सिंदूर! ब्रह्मोस मिसाइल और भारत की परमाणु नीति पर उठाए सवाल
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान एक बार फिर ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर सवाल उठा रहा है। पाकिस्तानी न्यूक्लियर सलाहकार मजर जमील ने लंदन में भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए। लेकिन इस बार उन्होंने ब्रह्मोस की क्षमता को लेकर भी बड़ा दावा किया। आखिर ऐसा क्या कहा, जिससे दोनों देशों की परमाणु नीति फिर चर्चा में आ गई?

In Short
- पाकिस्तान के न्यूक्लियर सलाहकार मजर जमील ने भारत पर आतंकवाद फैलाने के आरोप लगाए।
- ऑपरेशन सिंदूर और ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर भी उठाए सवाल।
- भारत की 'नो फर्स्ट यूज' परमाणु नीति पर भी पाकिस्तानी सलाहकार ने सवाल उठाए।
पाकिस्तान के न्यूक्लियर सलाहकार और पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल मजर जमील ने भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों का समर्थन करता है। इसके अलावा जमील ने ऑपरेशन सिंदूर, भारत की ब्रह्मोस मिसाइल और परमाणु नीति पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
लंदन में भारत पर लगाए गंभीर आरोप
13 अक्टूबर को लंदन में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के एक कार्यक्रम में मजर जमील ने भारत पर कई आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि भारत तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों को समर्थन देता है।
जमील ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की नीति का हवाला देते हुए पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने 1971 में मुक्ति वाहिनी, 1980 के दशक में लिट्टे और अफगान-पाकिस्तान सीमा के पास भारतीय वाणिज्य दूतावासों का जिक्र किया। हालांकि, इन घटनाओं के आधार पर लगाए गए मौजूदा आरोपों के लिए उन्होंने ठोस प्रमाण नहीं दिए।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर क्या बोले जमील?
मजर जमील ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने दक्षिण एशिया को परमाणु युद्ध के करीब पहुंचा दिया था।
उनके मुताबिक, पाकिस्तान के रणनीतिक संयम के कारण हालात बिगड़ने से बच गए।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई भारत की ब्रह्मोस मिसाइलों को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बताया।
जमील ने मार्च 2022 की घटना का भी जिक्र किया, जब भारतीय वायुसेना की एक ब्रह्मोस मिसाइल गलती से लॉन्च होकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खानवाल जिले में गिरी थी।
भारत की परमाणु नीति पर भी उठाए सवाल
पाकिस्तानी सलाहकार ने भारत की 'नो फर्स्ट यूज' परमाणु नीति को दिखावा बताया।
भारत ने 1999 में अपनी सार्वजनिक परमाणु नीति का मसौदा जारी किया था। इसमें पहले परमाणु हमला नहीं करने और विश्वसनीय न्यूनतम परमाणु प्रतिरोध बनाए रखने पर जोर दिया गया था।
जमील ने भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की किताब का हवाला देकर दावा किया कि भारत की नीति में पहले हमला करने की गुंजाइश मौजूद है।
हालांकि, परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल और दुश्मन की परमाणु क्षमता को निष्क्रिय करने के संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा अलग-अलग मुद्दे हैं।
कौन हैं मजर जमील?
मजर जमील पाकिस्तान के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल हैं। वह 2015 से 2017 तक पाकिस्तान की स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन के प्रमुख रह चुके हैं।
यह इकाई पाकिस्तान के परमाणु हथियारों से जुड़े मामलों को संभालती थी।
फिलहाल वह पाकिस्तान की नेशनल कमांड अथॉरिटी के सलाहकार हैं, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करते हैं।
दिए गए विवरण के मुताबिक, नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के गठन के बाद पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के संचालन में सैन्य नेतृत्व और आसिम मुनीर की भूमिका बढ़ गई है।

