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परिंदा भी नहीं मार सकता पर! न इंटरनेट, न फोन और न बाहरी संपर्क, NEET UG री-एग्जाम के लिए कड़ी सुरक्षा

NEET-UG 2026 री-एग्जाम का Question Paper तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स को एक गुप्त और सुरक्षित जगह पर रखा गया है। सबसे खास बात यह है कि उन्हें बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। उनके पास न मोबाइल फोन है, न इंटरनेट और न ही किसी तरह का बाहरी संपर्क। ये एक्सपर्ट्स 21 जून को एग्जाम खत्म होने तक गुप्त परिसर में ही रहेंगे।

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NEET UG 2026 Re Exam Latest Update: NEET-UG 2026 के री-एग्जाम अब करीब है, लेकिन इस बार सवाल सिर्फ एग्जाम का नहीं बल्कि उसकी सुरक्षा का भी है। पिछले पेपर लीक विवाद के बाद अधिकारियों ने इस बार ऐसा सिक्योरिटी सिस्टम बनाया है जिसमें परिंदा भी पार नहीं मार सकता। 

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NEET-UG 2026 री-एग्जाम का Question Paper तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स को एक गुप्त और सुरक्षित जगह पर रखा गया है। सबसे खास बात यह है कि उन्हें बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। उनके पास न मोबाइल फोन है, न इंटरनेट और न ही किसी तरह का बाहरी संपर्क। ये एक्सपर्ट्स 21 जून को एग्जाम खत्म होने तक गुप्त परिसर में ही रहेंगे।

इस दिन होगा NEET UG री-एग्जाम

NEET-UG 2026 का री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगा। यह एग्जाम देश और विदेश के कुल 551 शहरों में कराया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पिछली परीक्षा में सामने आई हर कमजोरी को पूरी तरह दूर किया जाए ताकि इस बार परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराया जा सके। इस एग्जाम में करीब 22 लाख बच्चे पेपर देंगे।

24 घंटे की निगरानी में रहेंगे पेपर सेंटर

बिजनेस टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक Question Paper तैयार करने, उसके रिव्यू करने और अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट करने वाले सभी एक्सपर्ट्स को 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। परिसर में मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्टवॉच और किसी भी तरह के कम्युनिकेशन डिवाइस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी निगरानी की जा रही है। केवल ऑथराइज्ड पर्सन को ही अंदर जाने की परमिशन है। एनटीए के अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। पेपर तैयार होने से लेकर छात्रों तक पहुंचने तक हर एक कदम पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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Question Paper की तैयारी, ट्रांसलेट, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन तक पूरे प्रोसेस को कई हिस्सों में बांटा गया है, ताकि कोई एक व्यक्ति या टीम पूरे प्रोसेस की जानकारी न रख सके। 

री- एग्जाम में एयरफोर्स निभाएंगी अहम किरदार

पेपर के ट्रांसपोर्ट को भी सबसे सेंसिटिव हिस्सा माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंसिटिव एग्जाम मटेरियल को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए इंडियन एयर फोर्स के विमानों और अन्य हाई-सिक्योरिटी लॉजिस्टिक्स ऑप्शन्स पर भी विचार किया गया है। शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पिछली परीक्षा में सामने आई कमियों का रिव्यू कर नए सिक्योरिटी सिस्टम लागू किए हैं।

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सोशल मीडिया पर अफवाह को दौर शुरू

परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर फर्जी दावों का दौर शुरू हो गया है। कई टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि NEET-UG री-एग्जाम का पेपर लीक हो चुका है और खरीदा जा सकता है। NTA ने ऐसे सभी दावों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है।

एजेंसी ने स्टूडेंट्स और पैरेंट्स से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें। एनटीए का कहना है कि फर्जी पेपर बेचने या गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप्स और ऑनलाइन फोरम की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।