CJP Protest: दिल्ली में ममता बनर्जी, केजरीवाल समेत कई बड़े नेता हिरासत में! जानें जंतर-मंतर पर क्या हुआ
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर है। जंतर-मंतर के आसपास कड़ी सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई के बीच आखिर क्या हुआ? जानिए किन नेताओं को हिरासत में लिया गया और विपक्ष ने क्या आरोप लगाए।

In Short
- दिल्ली में CEC के खिलाफ प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के बीच ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल हिरासत में लिए गए।
- TMC के डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन और AAP के संजय सिंह समेत कई विपक्षी नेताओं पर भी पुलिस कार्रवाई हुई।
- - जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा तैनात रही, जबकि विपक्षी दलों ने हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार, 10 अक्टूबर को कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी तथा CPI(M) के कई नेता शामिल बताए गए हैं। राजधानी में Cockroach Janta Party (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।
साउथ एवेन्यू से ममता बनर्जी हिरासत में
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी और उनके साथ मौजूद पांच अन्य तृणमूल कांग्रेस नेताओं को साउथ एवेन्यू इलाके से हिरासत में लिया। इनमें राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन भी शामिल थे। ममता बनर्जी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
हिरासत में लिए जाने पर TMC ने क्या कहा?
ममता बनर्जी की हिरासत पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया।
पार्टी ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार करना लोकतंत्र में कब से सामान्य बात हो गई। TMC ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया।
अरविंद केजरीवाल समेत AAP के कई नेता हिरासत में
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी जंतर-मंतर की ओर जाते समय उनके आवास के बाहर हिरासत में लिया गया।
उनके अलावा AAP नेता संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सरकार की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है।
पिनराई विजयन और CPI(M) नेताओं पर भी कार्रवाई
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास और वरिष्ठ नेता केएन बालगोपाल को भी केरल भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।
ब्रिटास के मुताबिक, पुलिस नेताओं को पहले छत्रसाल स्टेडियम ले गई और बाद में दूसरी जगह स्थानांतरित किया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नागरिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया।
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी हिरासत में
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन के पीछे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी है। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। CJP के नेता अभिजीत दीपके सहित कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 2,000 तक पहुंचने की खबरें सामने आईं। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा अलग है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देकर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा संबंधी कदम उठाए गए।

