महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई! 165 होटल-रेस्तरां के लाइसेंस सस्पेंड, ₹55.72 करोड़ का असुरक्षित खाद्य जब्त
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बीते बुधवार को बताया कि नियमों के उल्लंघन पर 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। उन्होंने यह भी साफ किया कि विभाग ने किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ चयनात्मक कार्रवाई नहीं की।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 25 मई से 31 जुलाई के बीच राज्यभर में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। इस दौरान 3,137 होटल, रेस्तरां, भोजनालय और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बीते बुधवार को बताया कि नियमों के उल्लंघन पर 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। उन्होंने यह भी साफ किया कि विभाग ने किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ चयनात्मक कार्रवाई नहीं की।
55.72 करोड़ रुपये के असुरक्षित खाद्य उत्पाद जब्त या नष्ट
मुंढे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 28.66 लाख किलोग्राम असुरक्षित खाद्य उत्पाद, जिनकी कीमत 55.72 करोड़ रुपये थी, जब्त किए गए या नष्ट कर दिए गए। विभाग ने 764 सुधार नोटिस जारी किए। प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करते हुए 658 प्रतिष्ठानों से 15.11 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया। इस अभियान में 519 एफआईआर दर्ज हुईं, 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 407 प्रतिष्ठानों को सील किया गया और 78 वाहन जब्त किए गए।
होटल और डेयरी प्रतिष्ठानों पर भी सख्ती
FDA ने 890 होटल, रेस्तरां और भोजनालयों का निरीक्षण किया। इनमें 329 सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 116 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। दूध से जुड़े 487 प्रतिष्ठानों की जांच में 218 सुधार नोटिस, 33 लाइसेंस निलंबन और 11 एफआईआर दर्ज हुईं। वहीं, दूध प्रोडक्ट से जुड़े 476 प्रतिष्ठानों में 196 सुधार नोटिस जारी किए गए, 16 लाइसेंस निलंबित हुए और दो एफआईआर दर्ज की गईं। इसके अलावा अन्य खाद्य उत्पादों से जुड़े 608 प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में करीब 36 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किया गया।
अपील पर मिली अंतरिम राहत
आयुक्त ने कहा कि लाइसेंस निलंबन का मतलब किसी प्रतिष्ठान को स्थायी रूप से बंद करना नहीं है। 165 मामलों में से 103 अपीलें विभाग को मिली हैं और नियमों के पालन की पुष्टि होने पर पात्र मामलों में अंतरिम राहत देकर संचालन फिर शुरू करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि 38 मामलों में आदेश सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि 35 मामले अभी लंबित हैं।
'किसी को VIP या विशेष छूट नहीं'
मुंढे ने कहा कि निरीक्षण अभियान से कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विभाग अनुपालन से पहले और बाद की तस्वीरें तथा वीडियो रिकॉर्ड करता है ताकि सुधार की पुष्टि की जा सके। उन्होंने कहा, “890 होटल, रेस्तरां और भोजनालयों में से केवल 329 को सुधार नोटिस और 116 के लाइसेंस निलंबित किए गए। यह कहना गलत है कि FDA सिर्फ लाइसेंस निलंबित करता है। लगभग 20 प्रतिशत निरीक्षित प्रतिष्ठानों पर ही कड़ी कार्रवाई की गई।”
उन्होंने बताया कि सुधार नोटिस पाने वाले प्रत्येक प्रतिष्ठान को कमियों को दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाता है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को असुरक्षित भोजन या दवाओं का सेवन न करना पड़े। प्रयोगशाला कर्मचारियों की दो शिफ्ट में काम कराने की शिकायतों पर मुंढे ने कहा कि अतिरिक्त काम नहीं कराया गया है, बल्कि मौजूदा कर्मचारियों का पुनर्विन्यास कर लैब को सुबह से देर रात तक संचालित किया गया है।

