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लग्जरी घरों की कीमतों में तेज उछाल! 8.3 करोड़ रुपये में सिर्फ 96 वर्ग मीटर जगह, मुंबई-बेंगलुरु टॉप पर

नाइट फ्रैंक की वेल्थ रिपोर्ट 2026 के अनुसार भारत में लग्जरी घर महंगे हो रहे हैं और समान कीमत में मिलने वाली जगह घट रही है। मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली में प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने से कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।

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AI Generated Image

भारत के बड़े शहरों में आलीशान घर खरीदना अब और महंगा होता जा रहा है। नाइट फ्रैंक की 'वेल्थ रिपोर्ट 2026' के ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारतीय रियल एस्टेट के प्रीमियम सेगमेंट में कीमतों ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है।

आलम यह है कि 10 लाख डॉलर यानी करीब 8.3 करोड़ रुपये में मिलने वाली जगह अब लगातार कम होती जा रही है। मुंबई जैसे शहर में तो अब इस कीमत में सिर्फ 96 वर्ग मीटर जगह ही मिल पा रही है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 3 फीसदी कम है।

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नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, शिशिर बैजल के मुताबिक, भारत की बेहतर होती रैंकिंग यहां के लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि देश में आर्थिक विकास और अमीरों (HNWIs) की बढ़ती संख्या के कारण प्राइम रेजिडेन्शियल एसेट्स की मांग लगातार बनी हुई है।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक साल में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 5.4 फीसदी कमजोर हुआ है। आमतौर पर रुपया कमजोर होने से डॉलर में निवेश करने वालों को ज्यादा जगह मिलनी चाहिए थी, लेकिन भारतीय बाजार में घरों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने इस फायदे को पूरी तरह खत्म कर दिया।

नाइट फ्रैंक के प्राइम इंटरनेशनल रेजिडेन्शियल इंडेक्स (PIRI 100) में बेंगलुरु 32 पायदान की लंबी छलांग लगाकर 8वें स्थान पर पहुंच गया है। यहां घरों की कीमतों में 9.4 फीसदी की सबसे तेज बढ़त देखी गई है। अब बेंगलुरु में 10 लाख डॉलर में सिर्फ 357 वर्ग मीटर जगह ही खरीदी जा सकती है, जबकि साल 2024 में यह 370 वर्ग मीटर थी। मुंबई भी इस सूची में 21वें से 10वें स्थान पर आ गया है, जहां 20 लाख डॉलर से ऊपर के घरों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है।

नाइट फ्रैंक के ग्लोबल हेड ऑफ रिसर्च, लियाम बेली का कहना है कि वैश्विक स्तर पर लग्जरी हाउसिंग मार्केट अब आर्थिक चक्रों के बजाय संपत्ति सृजन (Wealth Creation) से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

दिल्ली के बाजार में भी स्थिरता के साथ बढ़त जारी है, जहां अब इसी बजट में 205 वर्ग मीटर जगह मिल रही है। हालांकि, भारत अभी भी दुनिया के सबसे महंगे शहर मोनाको के मुकाबले काफी सस्ता है, जहां 10 लाख डॉलर में महज 16 वर्ग मीटर जगह ही आती है। भारत के शहरों में बढ़ती कीमतें यह संकेत दे रही हैं कि यहां का लग्जरी बाजार अब परिपक्व हो रहा है और वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।