Strait of Hormuz पर ईरान की 6 शर्तें, अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी नजर
ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिका को उसकी शर्तें माननी होंगी। ईरान ने प्रतिबंध हटाने मुआवजा देने और फ्रीज संपत्ति जारी करने समेत छह मांगें रखी हैं। वहीं ओमान में बातचीत फिलहाल सिर्फ अस्थायी आवाजाही के रास्तों पर हो रही है।

In Short
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका के सामने छह शर्तें रखीं
- ईरान ने प्रतिबंध हटाने मुआवजा देने और फ्रीज संपत्ति जारी करने की मांग की
- ओमान में बातचीत का मतलब होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना नहीं
Iran Strait of Hormuz: ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिका को उसकी कुछ शर्तें माननी होंगी। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहम्मद बाघेरी ज़ोलघाद्र ने शनिवार को कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और ईरान की मांगों को पूरा नहीं करता, तब तक यह रणनीतिक जलमार्ग बंद रहेगा।
अमेरिका के सामने रखीं छह शर्तें
बिजनेस टुडे ने मेहर न्यूज़ की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ज़ोलघाद्र ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए छह शर्तों का जिक्र किया है। इनमें ईरान के सर्वोच्च नेता के खिलाफ खतरों को खत्म करना और ईरान व उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को स्थायी रूप से रोकना शामिल है।
इसके अलावा ईरान चाहता है कि उसकी घेराबंदी में शामिल अमेरिकी नौसेना और वायु सेना को वापस बुलाया जाए। हालिया संघर्षों में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए, अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं और ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति जारी की जाए।
मांगों से पीछे नहीं हटेंगे
ज़ोलघाद्र ने कहा कि ये मांगें ईरानी लोगों की इच्छा को दिखाती हैं। उन्होंने पिछले छह दिनों में देशभर में हुई रैलियों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इन मांगों से पीछे नहीं हटेगी, चाहे युद्ध हो या बातचीत।
ईरानी सेना ने भी कहा है कि होर्मुज से शिपिंग को नियंत्रित करने वाली नई व्यवस्था को बदला नहीं जा सकता। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि अमेरिका के पास मौजूदा स्थिति को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि नई स्थिति को नजरअंदाज करने वालों को पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ओमान की बातचीत का मतलब पूरा रास्ता खुलना नहीं
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि ओमान में हो रही बातचीत का मतलब होर्मुज को पूरी तरह खोलना नहीं है। बातचीत फिलहाल अस्थायी आवाजाही के रास्ते बनाने पर केंद्रित है। ये रास्ते ईरानी सशस्त्र बलों के दिए नक्शों के आधार पर तैयार किए जा रहे हैं।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी कहा कि होर्मुज को पूरी तरह खोलना अमेरिका द्वारा ईरान की शर्तें स्वीकार करने पर निर्भर करेगा। इस बीच ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। UAE ने शनिवार को कहा कि होर्मुज से गुजरते समय उसकी सरकारी तेल कंपनी से जुड़े एक कैरियर पर ईरान ने मिसाइल हमला किया।

