अमेरिका का घुरंधर F-15E फाइटर जेट भी नहीं बचा! ईरान के खिलाफ युद्ध में यूएस के इन विमान और ड्रोन को भारी नुकसान
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध में यूएस को हुए नुकसान का आंकड़ा आगे बदल भी सकता है, क्योंकि कई सूचनाएं अभी गोपनीय हैं और कुछ मामलों में अंतिम पुष्टि बाकी है।

Congressional Research Service की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) के दौरान अमेरिका के कम से कम 42 विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान के आंकड़े आगे बदल भी सकते हैं, क्योंकि कई सूचनाएं अभी गोपनीय हैं और कुछ मामलों में अंतिम पुष्टि बाकी है।
यूएस के किन विमानों को हुआ नुकसान?
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना के चार F-15E Strike Eagle फाइटर जेट, एक F-35A Lightning II, एक A-10 Thunderbolt II अटैक एयरक्राफ्ट और सात KC-135 Stratotanker एयर रिफ्यूलिंग विमान शामिल हैं।
इसके अलावा एक E-3 Sentry AWACS विमान, दो MC-130J Commando II स्पेशल ऑपरेशन एयरक्राफ्ट और एक HH-60W Jolly Green II हेलिकॉप्टर भी प्रभावित हुए।
ड्रोन के नुकसान की लिस्ट सबसे लंबी रही। रिपोर्ट में 24 MQ-9 Reaper ड्रोन और एक MQ-4C Triton ड्रोन के नष्ट या क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है।
अमेरिकी कांग्रेस के लिए तैयार हुई रिपोर्ट
CRS ने यह रिपोर्ट अमेरिकी रक्षा विभाग और US Central Command के बयानों के साथ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की है।Congressional Research Service अमेरिकी संसद और उसकी समितियों को नीति और कानूनी विश्लेषण उपलब्ध कराती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान हुए वास्तविक नुकसान का अंतिम आकलन अभी जारी है।
इस बीच, 12 मई को अमेरिकी संसद की House Appropriations Subcommittee की सुनवाई में Acting Pentagon Comptroller Jules W Hurst III ने बताया कि ईरान में सैन्य अभियानों की अनुमानित लागत बढ़कर 29 अरब डॉलर हो गई है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह सैन्य उपकरणों की मरम्मत और रिप्लेसमेंट लागत का नया आकलन है।

