Infosys में 20,000 फ्रेशर्स को मिलेगी नौकरी! AI के दौर में बदलेगा काम करने का तरीका, जानें कंपनी का बड़ा प्लान
AI के बढ़ते इस्तेमाल से IT सेक्टर में नौकरियों के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच Infosys ने वित्त वर्ष 2026 में 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती करने की योजना बनाई है। कंपनी के CEO सलिल पारेख ने बताया कि आने वाले वर्षों में AI की भूमिका तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में नई भर्तियों के साथ कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और जरूरी स्किल्स भी बदल सकती हैं।

In Short
- Infosys वित्त वर्ष 2026 में 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती करने की तैयारी में है।
- कंपनी के 80,000 से ज्यादा कर्मचारी पहले से AI कोडिंग टूल्स इस्तेमाल कर रहे हैं।
- CEO सलिल पारेख के मुताबिक, अगले 2-3 वर्षों में कंपनी का करीब आधा काम AI से जुड़ सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच IT सेक्टर में नौकरियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों को चिंता है कि AI की वजह से नई नौकरियों के मौके कम हो सकते हैं। लेकिन देश की दिग्गज IT कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने फ्रेशर्स के लिए बड़ी योजना बनाई है। कंपनी वित्त वर्ष 2026 में 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती करने की तैयारी में है। हालांकि, AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इन कर्मचारियों के काम करने का तरीका पहले से काफी अलग हो सकता है।
Infosys में AI का तेजी से बढ़ रहा इस्तेमाल
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में इंफोसिस के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलिल पारेख ने बताया कि कंपनी में AI से जुड़ी सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
उनके मुताबिक, पिछली तिमाही में कंपनी के कुल रेवेन्यू में AI सेवाओं की हिस्सेदारी 8% से ज्यादा रही। अगर यही रफ्तार जारी रहती है, तो आने वाली कुछ तिमाहियों में कंपनी के 20 से 30% काम में AI की भूमिका हो सकती है।
पारेख का अनुमान है कि अगले दो से तीन वर्षों में इंफोसिस का लगभग आधा काम AI से जुड़ा हो सकता है।
20,000 फ्रेशर्स की भर्ती की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस ने 2025 में करीब 20,000 फ्रेशर्स को नौकरी दी थी। अब कंपनी वित्त वर्ष 2026 में भी 20,000 नए कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रही है।
खास बात यह है कि कंपनी में पहले से 80,000 से ज्यादा कर्मचारी AI कोडिंग टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बावजूद कंपनी नई भर्तियां जारी रखना चाहती है।
नए कर्मचारियों को क्लाइंट प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने से पहले AI की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे नई तकनीक को समझ सकें और कंपनियों की जरूरतों के मुताबिक उसका इस्तेमाल कर सकें।
AI के दौर में कैसे बदलेगी नौकरी?
AI के आने से IT कंपनियों में काम करने का तरीका बदल रहा है। अब कर्मचारियों को सिर्फ सॉफ्टवेयर कोड लिखने तक सीमित नहीं रहना होगा।
उन्हें AI की मदद से सॉफ्टवेयर बनाना, उसकी टेस्टिंग करना, पुराने IT सिस्टम को अपग्रेड करना और कंपनियों के लिए AI आधारित समाधान तैयार करना जैसे काम भी करने होंगे।
इंफोसिस की भर्ती योजना से संकेत मिलता है कि कंपनी AI को केवल कर्मचारियों की जगह लेने वाली तकनीक के रूप में नहीं देख रही है। बल्कि AI सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नए कर्मचारियों को तैयार करने पर भी जोर दे रही है।
ऐसे में IT सेक्टर में करियर बनाने वाले फ्रेशर्स के लिए AI से जुड़ी स्किल्स सीखना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
मैं भाषा को और स्वाभाविक बनाऊंमैं शुरुआत को ज्यादा असरदार बनाऊं

