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15 मिनट ओवरटाइम का भी मिलता है पैसा! छुट्टी के दिन नहीं आते ऑफिस से कॉल - जापान के वर्क कल्चर का वीडियो वायरल

जापान में काम कर रहे भारतीय कर्मचारी अंकित पुरोहित ने वहां के ऑफिस कल्चर से जुड़ी कई दिलचस्प बातें बताई हैं। उनके मुताबिक जापान में समय की बहुत कद्र होती है, 15 मिनट ज्यादा काम करने पर भी पैसा मिलता है और काम खत्म होने के बाद मैनेजर आमतौर पर कर्मचारी को कॉल नहीं करता।

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In Short

  • जापान में ऑफिस टाइम से पहले पहुंचकर काम के लिए तैयार रहना बहुत जरूरी माना जाता है।
  • अगर कर्मचारी 15 मिनट भी ज्यादा काम करता है तो कंपनी उसका पैसा देती है।
  • काम खत्म होने के बाद मैनेजर आमतौर पर कॉल नहीं करता और छुट्टी के दिन काम के लिए परेशान नहीं किया जाता।

Japan office culture: जापान में काम करने का तरीका भारत सहित कई देशों से काफी अलग है। भारतीय कर्मचारी अंकित पुरोहित ने जापान के दफ्तरों में काम करने के तरीके से जुड़ी कई बातें बताई हैं। अंकित पिछले 10 साल से जापान में रहकर काम कर रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो में बताया कि जापान में नौकरी मिलना बहुत मुश्किल नहीं है, लेकिन वहां दफ्तर में कैसे काम किया जाता है, यह समझना बहुत जरूरी है।

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समय पर पहुंचना बहुत जरूरी

अंकित के मुताबिक जापान में समय की बहुत कद्र की जाती है। अगर दफ्तर सुबह 9 बजे शुरू होता है तो सिर्फ 9 बजे पहुंचना काफी नहीं माना जाता। कर्मचारी को उससे पहले पहुंचकर काम के लिए तैयार रहना होता है। यानी जब दफ्तर का समय शुरू हो, तब काम शुरू हो जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जापान में इस बात को लेकर ज्यादा फर्क नहीं किया जाता कि कौन कार से आता है, कौन बाइक से और कौन ट्रेन से। वहां कंपनी के बड़े अधिकारी भी ट्रेन से दफ्तर आते हैं। इसलिए आने-जाने के तरीके को लेकर दिखावा या तुलना कम दिखती है।

लंच ब्रेक होता है अपना समय

अंकित ने बताया कि जापान में आमतौर पर दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक लंच ब्रेक होता है। यह समय कर्मचारी का अपना समय माना जाता है। इस दौरान लोग आराम से खाना खाते हैं। कई लोग घर से टिफिन लाने के बजाय बाहर से पैक खाना लेना पसंद करते हैं।

लिफ्ट में भी दूसरों का ध्यान

जापान में दफ्तरों में छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखा जाता है। अंकित ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति लिफ्ट के बटन के पास खड़ा है तो वह तब तक दरवाजा खुला रखता है, जब तक बाकी लोग बाहर न निकल जाएं। इसके बाद वह खुद सबसे आखिर में बाहर निकलता है। यह आदत दिखाती है कि वहां लोग दूसरों की सुविधा का ध्यान रखते हैं।

15 मिनट ज्यादा काम किया तो उसका भी पैसा

अंकित ने बताया कि जापान में अगर कोई कर्मचारी तय समय से सिर्फ 15 मिनट भी ज्यादा काम करता है तो कंपनी उसका पैसा देती है। इसके अलावा काम खत्म करने के बाद मैनेजर आमतौर पर काम के लिए कॉल नहीं करता। छुट्टी के दिन भी कर्मचारियों को काम के लिए परेशान नहीं किया जाता।

10 साल में क्या सीखा

अंकित के मुताबिक जापान में समय पर आना, दूसरों का सम्मान करना, साफ बातचीत करना, टीम के साथ मिलकर काम करना और अच्छा काम करना बहुत जरूरी माना जाता है। अगर किसी काम में देरी हो रही है या कोई दिक्कत है तो टीम को पहले बताना जरूरी होता है।

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लोग क्यों कर रहे हैं इतनी तारीफ?

अंकित के वीडियो पर कई लोगों ने जापान के काम करने के तरीके की तारीफ की। लोगों का कहना था कि हर देश को कर्मचारियों के निजी समय की कद्र करना सीखना चाहिए। कुछ लोगों ने कहा कि 15 मिनट ज्यादा काम का भी पैसा देना दिखाता है कि जापान में कर्मचारी के समय को बहुत अहम माना जाता है।