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गैस संकट पर सरकार अलर्ट! 22 दिन में बिके 13 लाख 'छोटू' सिलेंडर - PNG पर भी आया बड़ा अपडेट

एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' की नाकाबंदी करने का ऐलान किया है, तो दूसरी तरफ ईरान ने भी तेल सप्लाई को लेकर कड़ी चेतावनी दे दी है। इस खींचतान का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है; कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और शेयर बाजार धराशायी हो रहे हैं।

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AI Generated Image

Chotu Cylinder: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच हुई शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं।

एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' की नाकाबंदी करने का ऐलान किया है, तो दूसरी तरफ ईरान ने भी तेल सप्लाई को लेकर कड़ी चेतावनी दे दी है। इस खींचतान का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है; कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और शेयर बाजार धराशायी हो रहे हैं।

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होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता खतरा

दुनिया के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय होर्मुज स्ट्रेट है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका और ईरान के बीच ठनी इस जंग ने तेल और गैस के संकट को गहरा कर दिया है।

जानकारों का मानना है कि अगर यह समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद होता है, तो दुनिया भर में ऊर्जा का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

भारत सरकार का 'एलपीजी' मास्टरप्लान

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी इस उथल-पुथल के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। देश में गैस की किल्लत न हो, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कमर कस ली है।

सरकार ने विशेष रूप से 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों (छुटकू सिलेंडर) की सप्लाई बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक 13 लाख से ज्यादा छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं और रोजाना इनकी बिक्री 1 लाख यूनिट के पार पहुंच गई है। यह कदम खास तौर पर प्रवासी मजदूरों और कम आय वाले परिवारों को ध्यान में रखकर उठाया गया है ताकि उन्हें किसी भी स्थिति में मुश्किल न हो।

पीएनजी कनेक्शन और गैस बचत पर जोर

सरकार सिर्फ सिलेंडरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि घरों तक पाइप के जरिए पहुंचने वाली गैस (PNG) के नेटवर्क को भी तेजी से फैला रही है। मार्च से अब तक देशभर में 4.24 लाख से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

दिलचस्प बात यह है कि पीएनजी की सुविधा मिलने के बाद लगभग 30,000 उपभोक्ताओं ने अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। इससे सरकार को एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक बचाने और उसे जरूरतमंद इलाकों में भेजने में मदद मिल रही है।