पीएम मोदी और अल्बनीज की बैठक में कई बड़े फैसले! व्यापार, रक्षा और परमाणु सहयोग सहित ये चीजें होगी मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (Comprehensive Economic Cooperation Agreement - CECA) को जल्द अंतिम रूप देने के लिए तेजी से काम करेंगे। दोनों देशों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (Bilateral Investment Treaty) को आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।

In Short
- पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
- भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच CECA और द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को जल्द आगे बढ़ाने पर सहमति बनी, साथ ही यूरेनियम आपूर्ति और क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर को भी मंजूरी मिली।
- दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक में शांति, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए संयुक्त घोषणा जारी की।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (Comprehensive Economic Cooperation Agreement - CECA) को जल्द अंतिम रूप देने के लिए तेजी से काम करेंगे। दोनों देशों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (Bilateral Investment Treaty) को आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
बैठक के दौरान परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ, जिससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का रास्ता और मजबूत होगा। इसके अलावा दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करने पर भी सहमति जताई, जो भविष्य की ऊर्जा और तकनीकी जरूरतों के लिए अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्षों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों का साझा संकल्प भी पहले से अधिक मजबूत हुआ है।
दोनों नेताओं ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और विस्तार देने के लिए संयुक्त घोषणा (Joint Declaration) जारी की। साथ ही इंडिया-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर के माध्यम से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी के छह वर्षों में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंध पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई साझेदारी को भी मंजूरी दी।
पीएम मोदी-अल्बनीज़ वार्ता में बड़े फैसले
- भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच CECA पर तेजी से काम होगा
- द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को आगे बढ़ाने पर सहमति
- परमाणु ऊर्जा समझौता, ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम आपूर्ति को बढ़ावा
- क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करने का फैसला
- इंडो-पैसिफिक में शांति, स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर
- संवाद और कूटनीति से वैश्विक संघर्षों के समाधान की वकालत
- रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त घोषणा जारी
- India–Australia Defence Innovation Corridor पर सहमति
- समुद्री सुरक्षा, साइबर और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में नई साझेदारी
- PM अल्बनीज़: "भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंध पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण"

