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मेडिकल स्टोर में CCTV जरूरी करने की तैयारी, दवाओं की बिक्री पर बढ़ेगी सरकार की निगरानी

देशभर के मेडिकल स्टोर्स पर जल्द CCTV लगाना अनिवार्य हो सकता है। केंद्र सरकार ने Schedule H, H1 और X दवाओं की बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन बिक्री रोकने के लिए यह प्रस्ताव रखा है। हालांकि केमिस्ट संगठन ने इसकी लागत और ग्रामीण इलाकों में आने वाली मुश्किलों पर चिंता जताई है।

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AI Generated Image

In Short

  • सरकार ने Schedule H H1 और X दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ाने के लिए मेडिकल स्टोर्स पर CCTV अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा।
  • DTAB ने प्रस्ताव को मंजूरी देने की सिफारिश की है ताकि बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
  • AIOCD ने छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोर्स पर ₹50 हजार से ₹1 लाख तक के अतिरिक्त खर्च का हवाला देते हुए चिंता जताई है।

देशभर के मेडिकल स्टोर्स जल्द ही CCTV निगरानी के दायरे में आ सकते हैं। केंद्र सरकार ने प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री पर निगरानी मजबूत करने और बिना वैध पर्ची के इनकी बिक्री रोकने के लिए एक नया प्रस्ताव रखा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Drugs Rules 1945 में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत मेडिकल स्टोर्स पर Schedule H, H1 और X दवाओं की बिक्री के लिए CCTV निगरानी को अनिवार्य करने की तैयारी है।

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बिना पर्ची दवाओं की बिक्री रोकना है उद्देश्य

सरकार का कहना है कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य Schedule H, H1 और X दवाओं की अनधिकृत बिक्री और पहुंच से जुड़ी चिंताओं को दूर करना है।

Schedule H, H1 और X दवाओं में ऐसी प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल संक्रमण, गंभीर बीमारियों, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और अन्य गंभीर मेडिकल स्थितियों के इलाज में किया जाता है। इन दवाओं की बिक्री पहले से ही नियमों के तहत नियंत्रित है।

DTAB ने प्रस्ताव को दी मंजूरी की सिफारिश

सरकार के मुताबिक इस प्रस्ताव पर पहले Drugs Consultative Committee (DCC) में चर्चा हुई थी। इसके बाद इसे Drugs Technical Advisory Board (DTAB) के सदस्यों के सामने रखा गया।

DTAB ने विचार करने के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी देने की सिफारिश की है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकार ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन से Schedule H, H1 और X दवाओं की बिक्री और वितरण की निगरानी मजबूत होगी। साथ ही बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के इन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

मेडिकल स्टोर संचालकों ने जताई चिंता

हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर मेडिकल स्टोर संचालकों ने लागत और इसे लागू करने की व्यवहारिक चुनौतियों पर चिंता जताई है।

All India Organisation of Chemists & Druggists (AIOCD) ने सरकार से इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोर्स के लिए CCTV सिस्टम लगाना आर्थिक बोझ बन सकता है।

AIOCD के मुताबिक 6 से 8 CCTV कैमरे, DVR/NVR, स्टोरेज, वायरिंग, इंटरनेट कनेक्टिविटी और मेंटेनेंस पर करीब ₹50 हजार से ₹1 लाख या उससे ज्यादा खर्च आ सकता है।

ग्रामीण इलाकों में दिक्कतों की आशंका

AIOCD ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में यह व्यवस्था लागू करना और मुश्किल हो सकता है। वहां बिजली की समस्या, कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण लगातार CCTV रिकॉर्डिंग करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

संगठन ने सरकार से मांग की है कि अगर CCTV निगरानी जरूरी मानी जाती है तो इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही एक व्यावहारिक और संतुलित व्यवस्था अपनाने की अपील की गई है।

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सरकार ने इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले हितधारकों और आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।