'Clock It', 'Waste-Guna-Huiya' से 'Delulu' तक... एंटी-पेपर लीक बिल पर संसद में छाया Gen Z ट्रेंड
संसद में एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान Gen Z के पॉपुलर शब्दों की खूब चर्चा हुई। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक कई सांसदों ने वायरल स्लैंग का सहारा लिया, लेकिन कुछ नेताओं ने इसे गंभीर मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला बताया। जानिए किस सांसद ने क्या कहा।

In Short
- एंटी-पेपर लीक बिल की बहस में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने Gen Z स्लैंग का जमकर इस्तेमाल किया।
- बांसुरी स्वराज ने ‘Clock It’, तेजस्वी सूर्या ने ‘Delulu’ और श्रीकांत शिंदे ने ‘MIA’ व ‘FOMO’ जैसे शब्द बोले।
- सुप्रिया सुले ने कहा कि पेपर लीक गंभीर मुद्दा है और बहस को इंटरनेट स्लैंग तक सीमित नहीं करना चाहिए।
Gen Z slang in Parliament: संसद में मंगलवार को एंटी-पेपर लीक बिल पर हुई बहस का अंदाज सामान्य चर्चा से बिल्कुल अलग दिखा। Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पर बोलते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने Gen Z के बीच पॉपुलर इंटरनेट स्लैंग, मीम और सोशल मीडिया phrases का जमकर इस्तेमाल किया।
हालांकि कुछ सांसदों ने इसे गंभीर मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला भी बताया। अब जानते हैं कि किस सांसद ने कौन-सा Gen Z शब्द इस्तेमाल किया और उसके जरिए क्या संदेश देने की कोशिश की।
बांसुरी स्वराज ने कहा- मोदी सरकार ने ‘Clock It’ किया
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने बिल का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर पॉलिसी वैक्यूम बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जहां कांग्रेस ने पॉलिसी वैक्यूम बनाया, वहीं मोदी सरकार ने इसे क्लॉक किया और सॉल्यूशन तैयार किया।”
‘क्लॉक इट’ Gen Z का एक पॉपुलर फ्रेज है, जिसका मतलब किसी बात को सही समय पर नोटिस करना या उसकी पहचान करना होता है। बांसुरी स्वराज ने इस फ्रेज के जरिए दावा किया कि सरकार ने एग्जामिनेशन सिस्टम की परेशानी को समझकर उसके खिलाफ कानून बनाया।
तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष को बताया ‘Delulu’
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए उसे ‘डेलुलू’ बताया। यह शब्द ‘डिल्यूजनल’ का छोटा रूप है, जिसका इस्तेमाल किसी की गलतफहमी या ऐसी उम्मीद के लिए किया जाता है, जिसका रियलिटी से कम कनेक्शन हो।
सूर्या ने कहा कि विपक्ष को लगता है कि नीट पेपर लीक कंट्रोवर्सी के कारण युवा उसके साथ आ गए हैं, लेकिन इससे बड़ा कोई ‘डेलुलू’ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स पॉलिटिकल ब्लेम गेम के बजाय एग्जामिनेशन सिस्टम में सुधार चाहते हैं। उन्होंने Gen Z लैंग्वेज में कहा कि एजुकेशन सिस्टम को सुधारने के लिए उसके “सोर्स कोड को फिक्स” करना होगा
शिंदे बोले- पहले MIA, फिर हुआ FOMO
शिव सेना सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने भी Gen Z वोकैबुलरी का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती स्टूडेंट प्रोटेस्ट्स के दौरान विपक्ष ‘एमआईए’ यानी मिसिंग इन एक्शन था।
शिंदे ने कहा कि बाद में विपक्ष को ‘फोमो’ यानी फियर ऑफ मिसिंग आउट हुआ और उसने डेमोंस्ट्रेशंस शुरू कर दिए। उनके मुताबिक, विपक्ष इस गलतफहमी यानी ‘डेलुलू’ में था कि प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट्स उसके पॉलिटिकल मूवमेंट का हिस्सा बन जाएंगे।
दीपेंद्र हुड्डा ने उठाया ‘Waste-Guna-Huiya’ का नारा
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने एग्जामिनेशन इरेग्युलैरिटीज के खिलाफ हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट्स का जिक्र करते हुए वायरल मीम फ्रेज ‘वेस्ट-गुना-हुइया’ का इस्तेमाल किया।
इस फ्रेज का कोई सीधा मतलब नहीं है, लेकिन यह सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हुआ है।हुड्डा ने इस फ्रेज के जरिए प्रोटेस्ट्स में लगाए गए नारों और युवाओं के गुस्से को संसद के सामने रखने की कोशिश की।
सुप्रिया सुले ने कहा- यह Oxford Dictionary की बहस नहीं
एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले को बहस में Gen Z टर्मिनोलॉजी का इस्तेमाल पसंद नहीं आया। उन्होंने सांसदों से मुद्दे की सीरियसनेस पर ध्यान देने की अपील की।
सुले ने कहा, “यह ऑक्सफोर्ड ऑनलाइन डिक्शनरी पर बहस नहीं है। हम यहां एक बेहद गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने आए हैं।” उनका कहना था कि पेपर लीक और एग्जामिनेशन इरेग्युलैरिटीज जैसे मामलों पर ठोस समाधान की बात होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने ‘Camera Angle’ पर कसा तंज
Congress सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि Gen Z से connection बनाने के लिए videos के “camera angles” बदलना काफी नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को “अपने दिल का angle बदलना चाहिए।” इस तरह एंटी-पेपर लीक बिल पर हुई बहस कानून के प्रावधानों के साथ-साथ Gen Z slang और सोशल मीडिया culture को लेकर भी चर्चा में आ गई।

