FSSAI का बड़ा एक्शन! रम-व्हिस्की में एक जैसे फ्लेवर मिलाने पर कई ब्रांड्स की बिक्री पर लगी रोक
अल्कोहलिक बेवरेज में Rum और Whisky जैसे identical flavours के इस्तेमाल पर FSSAI ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के बाद कई बड़े ब्रांड्स की बिक्री रोकी गई, कुछ कंपनियों को नोटिस मिला और पुराने स्टॉक पर शर्तें लगाई गईं। आखिर नियमों में ऐसा क्या है, जानिए पूरी कहानी।

In Short
- FSSAI ने कई रम और व्हिस्की ब्रांड्स की बिक्री रोकी, क्योंकि उनमें बाहर से आइडेंटिकल या आर्टिफिशियल फ्लेवर मिलाने की बात सामने आई।
- FSSAI के मुताबिक, रम में रम फ्लेवर और व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर डालकर उसे स्टैंडर्ड प्रोडक्ट बताना ग्राहकों को गुमराह करना है।
- ओल्ड मॉन्क XXX रम का “7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड” क्लेम भी मिसलीडिंग पाया गया, क्योंकि मैच्योर रम स्पिरिट की मात्रा 5 प्रतिशत से कम थी।
FSSAI: अल्कोहलिक बेवरेज में फ्लेवर के इस्तेमाल को लेकर चल रही खबरों के बीच FSSAI ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। अथॉरिटी ने कहा है कि कॉफी या वनीला जैसे फ्लेवर नियमों के तहत इस्तेमाल किए जा सकते हैं, लेकिन रम में रम फ्लेवर या व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर डालकर उसे स्टैंडर्ड प्रोडक्ट बताना ग्राहकों को गुमराह कर सकता है। इसी मामले में जांच के बाद कई कंपनियों पर एक्शन लिया गया है।
कई ब्रांड्स की बिक्री पर रोक, कंपनियों को नोटिस
लेबोरेटरी रिपोर्ट में प्रोडक्ट नियमों के मुताबिक नहीं पाए जाने के बाद FSSAI ने कई ब्रांड्स की बिक्री रोकने का आदेश दिया। इनमें मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर के ओल्ड मॉन्क द लीजेंड, गोल्ड रिजर्व और XXX मैच्योरड रम शामिल हैं।
यूनाइटेड स्पिरिट्स की बारामती यूनिट के मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम पर भी कार्रवाई हुई। इनब्रू बेवरेजेज के बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की और ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम के साथ एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज के सेंट्रल प्रोविंस व्हिस्की और मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन मैच्योरड XXX रम की बिक्री पर रोक लगाई गई।
यूनाइटेड स्पिरिट्स की मध्य प्रदेश यूनिट के एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की भी इस कार्रवाई में शामिल हैं।
गोवा में मंडेक्सी डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज की यूनिट में इंस्पेक्शन और सैंपलिंग की गई है। महाराष्ट्र में छह अन्य मैन्युफैक्चरर्स को भी नोटिस जारी किए गए हैं। FSSAI के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद आगे जरूरी एक्शन लिया जाएगा।
रम और व्हिस्की का असली फ्लेवर कैसे बनता है?
FSSAI ने बताया कि किसी अल्कोहलिक प्रोडक्ट का स्वाद और खुशबू उसके बेस मटीरियल, फर्मेंटेशन, यीस्ट एक्टिविटी, डिस्टिलेशन और मैच्युरेशन जैसी प्रोसेस से तैयार होती है। रम में मोलासेस और व्हिस्की में माल्ट जैसे बेस मटीरियल का इस्तेमाल होता है।
कुछ कंपनियां इन प्रोसेस से स्वाद तैयार करने के बजाय न्यूट्रल अल्कोहल में बाहर से वैसा ही फ्लेवर मिला रही थीं। न्यूट्रल अल्कोहल का अपना कोई खास स्वाद नहीं होता। इसलिए उसमें रम फ्लेवर या व्हिस्की फ्लेवर डालकर उसे स्टैंडर्ड रम या व्हिस्की के नाम से बेचना गलत माना गया।
पैक पर सही नाम और एज क्लेम बताना जरूरी
FSSAI के मुताबिक, ऐसे प्रोडक्ट को रम-फ्लेवरड स्पिरिट या व्हिस्की-फ्लेवरड स्पिरिट कहा जा सकता है। पैक के सामने प्रोडक्ट की असली पहचान साफ लिखना जरूरी है।
लैब रिपोर्ट्स में कहा गया कि आर्टिफिशियल या नेचर आइडेंटिकल फ्लेवर असली स्वाद को छिपा रहा था। रम और व्हिस्की के कई सैंपल इसी वजह से सब-स्टैंडर्ड पाए गए।
ओल्ड मॉन्क XXX रम के लेबल पर लिखे “7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड” क्लेम को भी मिसलीडिंग पाया गया। जांच में सामने आया कि इसमें मुख्य मात्रा न्यूट्रल और बिना मैच्योर किया गया स्पिरिट था, जबकि मैच्योर रम स्पिरिट की मात्रा 5 प्रतिशत से भी कम थी।
नियम के मुताबिक, किसी ब्लेंड की उम्र का क्लेम उसमें शामिल सबसे कम उम्र वाले स्पिरिट के आधार पर होना चाहिए।
फ्लेवर पर पूरी रोक नहीं, लेकिन नियम जरूरी
FSSAI ने साफ किया कि कॉफी, वनीला या दूसरे नेचुरल और नेचर आइडेंटिकल फ्लेवर का इस्तेमाल पूरी तरह बैन नहीं है। शर्त यह है कि उसका कोई सही टेक्नोलॉजिकल कारण हो और नियमों का पालन किया जाए।
लेकिन रम में रम फ्लेवर या व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर मिलाना वैसा ही है जैसे कॉफी में कॉफी फ्लेवर या चाय में टी फ्लेवर डालना। FSSAI के मुताबिक, इसका कोई सही टेक्नोलॉजिकल काम नहीं है।
पुराने स्टॉक को शर्तों के साथ बेचने की इजाजत
दो मैन्युफैक्चरर्स की अपील के बाद बिक्री पर लगी रोक को शर्तों के साथ हटाया गया। उन्हें पुराने स्टॉक को पैक के सामने प्रोडक्ट की असली पहचान लिखकर बेचने की इजाजत दी गई।
भविष्य के प्रोडक्शन में रम फ्लेवर को रम और व्हिस्की फ्लेवर को व्हिस्की में नहीं मिलाने का साफ निर्देश दिया गया है।
FSSAI ने यह भी साफ किया कि यह मामला पूरी अल्कोहल इंडस्ट्री से जुड़ा नहीं है। कई कंपनियां नियमों के मुताबिक स्टैंडर्ड प्रोडक्ट बना रही हैं। कार्रवाई सिर्फ उन कंपनियों के खिलाफ है, जो न्यूट्रल या एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल में बाहर से फ्लेवर मिलाकर उसे असली रम या व्हिस्की की तरह बेच रही थीं।

