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भारत में घरेलू पर्यटन में भारी उछाल लेकिन विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट, जानिए क्या हैं वजह

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या घटकर 91.5 लाख रह गई. रिपोर्ट के मुताबिक ठगी, सुरक्षा चिंता, परिवहन दिक्कतें और जटिल वीजा प्रक्रिया के बीच घरेलू यात्रा पर फोकस बढ़ गया है.

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AI Generated Image

In Short

  • पिछले साल भारत आने वाले विदेशी पर्यटक 8.1% घटकर 91.5 लाख रहे।
  • यह आंकड़ा 2019 के 1.09 करोड़ से करीब 16% नीचे है।
  • ठगी, सुरक्षा चिंता, परिवहन दिक्कतें और वीजा प्रक्रिया बड़ी बाधाएं रहीं।

भारत अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इसके बावजूद विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में देश को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 8.1 फीसदी घटकर 91.5 लाख रह गई।

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2019 के मुकाबले अभी भी पीछे भारत

विदेशी पर्यटकों की यह संख्या साल 2019 के 1.09 करोड़ के मुकाबले करीब 16 फीसदी कम है। रिपोर्ट में विदेशी पर्यटकों की घटती संख्या के पीछे ठगी, सुरक्षा को लेकर चिंता, परिवहन से जुड़ी परेशानियां और जटिल वीजा प्रक्रिया जैसी वजहों को बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का पर्यटन उद्योग अब तेजी से घरेलू यात्रियों पर ज्यादा निर्भर हो रहा है। पिछले साल भारत में घरेलू यात्राओं की संख्या 46 फीसदी बढ़कर 429 करोड़ तक पहुंच गई, जो महामारी से पहले के स्तर से करीब दोगुनी है।

विदेशी यात्रियों के सामने भरोसे और सुविधा की चुनौती

केसी वोलांथ का अनुभव भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की कुछ परेशानियों को दिखाता है। उन्होंने पहली बार 2015 में अपनी मां के साथ भारत की यात्रा की थी. नई दिल्ली पहुंचने के बाद दोनों ट्रेन टिकट बुक कराने के लिए एक ऐसे दफ्तर पहुंचीं, जिसे उन्होंने सरकारी पर्यटन एजेंसी समझ लिया था।

वहां उनसे पहचान से जुड़े दस्तावेज और पैसे मांगे गए। हालांकि जल्द ही उन्हें पता चला कि वह सरकारी दफ्तर नहीं था। वोलांथ ने बताया कि उन्हें जल्दी समझ आ गया कि उस जगह का सरकार से कोई संबंध नहीं था। इसके बाद उन्होंने वहां से निकलकर खुद अपने ट्रेन टिकट बुक किए।

इसके बाद उन्होंने ताजमहल, राजस्थान, वाराणसी और ऋषिकेश की यात्रा की। अब वह चार बार और भारत आ चुकी हैं।

घरेलू पर्यटन बढ़ा लेकिन विदेशी हिस्सेदारी घटी

भारत में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलने की कई वजहें हैं. बढ़ती आय, बेहतर बुनियादी ढांचा और धार्मिक स्थलों की यात्राओं में बढ़ती दिलचस्पी ने घरेलू यात्रा को तेजी दी है।

Image Credit : Aaj Tak

वहीं, इस बदलाव का असर विदेशी पर्यटकों पर भी पड़ा है. पर्यटन उद्योग ने अपनी सेवाओं को भारतीय यात्रियों की जरूरतों के हिसाब से ढालना शुरू किया है, जिससे विदेशी यात्रियों के लिए कुछ जगहों पर यात्रा महंगी भी हो गई है।

पर्यटन कमाई में भी भारत पीछे

विदेशी पर्यटकों की कम संख्या का असर पर्यटन से होने वाली कमाई पर भी दिख रहा है। नीति आयोग की जून में जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 35 अरब डॉलर की विदेशी पर्यटन आय तुर्की, थाईलैंड और सऊदी अरब जैसे छोटे पर्यटन बाजारों से भी पीछे है।

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रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के पास सांस्कृतिक, प्राकृतिक और अनुभव आधारित पर्यटन की काफी विविधता मौजूद है, लेकिन इसका पूरा फायदा विदेशी पर्यटन में नहीं दिख रहा।

असली विदेशी पर्यटकों की संख्या पर भी सवाल

कुछ पर्यटन अधिकारियों का कहना है कि 91.5 लाख का आंकड़ा भी वास्तविक विदेशी घूमने वाले पर्यटकों की संख्या को पूरी तरह नहीं दर्शाता. इसमें इलाज और परिवार से मिलने जैसे अन्य कारणों से आने वाले लोग भी शामिल हैं।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष रवि गोसाईं के अनुसार, वास्तव में भारत आने वाले विदेशी अवकाश पर्यटकों की संख्या करीब 20 लाख से 30 लाख के बीच हो सकती है।

कुल मिलाकर, भारत के पास पर्यटन के लिए बड़े आकर्षण मौजूद हैं, लेकिन विदेशी पर्यटकों की संख्या और उनसे होने वाली कमाई अभी भी चुनौती बनी हुई है. दूसरी ओर घरेलू यात्रा में तेज बढ़ोतरी ने पर्यटन उद्योग की दिशा काफी हद तक बदल दी है।