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ट्रंप ने रोका ईरान पर हमला! आज से शुरू होगी US-Iran वार्ता, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस

ईरान पर होने वाला प्लान्ड अटैक रोकने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत का रास्ता खोल दिया है। सोमवार से शुरू होने वाली इस वार्ता में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और न्यूक्लियर प्रोग्राम अहम मुद्दे रहेंगे। हालांकि, ईरान और इजरायल के बयानों ने डील की राह को अब भी मुश्किल बना रखा है।

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In Short

  • ईरान पर प्लान्ड अटैक रोकने के बाद ट्रंप ने कहा कि सोमवार दोपहर से बातचीत शुरू होगी।
  • वार्ता में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर समझौते की कोशिश होगी।
  • इजरायल ने साफ कहा है कि ईरान ने न्यूक्लियर या बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम बढ़ाया तो वह कार्रवाई करेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में अब डिप्लोमेसी की नई कोशिश शुरू होने जा रही है। अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाला प्लान्ड अटैक रोकने के एक दिन बाद कहा कि सोमवार दोपहर से दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होगी। इस बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े खतरे को खत्म करने पर फोकस रहेगा। हालांकि, बातचीत कहां होगी, इसमें कौन शामिल होगा और डील कब तक होगी, इन सभी सवालों के जवाब आगे होने वाली बातचीत से ही सामने आएंगे।

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सोमवार दोपहर से शुरू होगी बातचीत

न्यू जर्सी से वॉशिंगटन लौटते समय रविवार को ट्रंप ने रिपोर्टर्स से कहा कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर शुरू होगी। उन्होंने यह नहीं बताया कि वार्ता किस जगह होगी और अमेरिका या ईरान की ओर से इसमें कौन हिस्सा लेगा।

ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान को समझौता करने के लिए कोई डेडलाइन दी गई है। इस पर उन्होंने कोई समय सीमा बताने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने कहा कि वह लोगों की जान नहीं लेना चाहते, क्योंकि किसी भी सैन्य कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो सकती है।

हमला रोककर डील का दिया मौका

शनिवार देर रात ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि उन्होंने ईरान पर होने वाला प्लान्ड अटैक कैंसिल करने पर सहमति दी है। उनके मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि एक डील के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत और पूरी तरह खोला जा सकता है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि समझौते से ईरान के न्यूक्लियर खतरे को खत्म किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने तेहरान को तेजी से डील करने की चेतावनी भी दी। फरवरी के आखिर में इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद ट्रंप कई बार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ाने की धमकी दे चुके हैं।

ईरान ने सऊदी अरब और पाकिस्तान से की बात

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने रविवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन कॉल्स में मौजूदा डिप्लोमैटिक कोशिशों पर चर्चा हुई।

IRNA ने अराकची के हवाले से बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत आखिरी चरण में है।

नई रूट पर हो रही चर्चा

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि बातचीत स्ट्रेट से गुजरने के लिए एक नई रूट पर सहमति बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने साफ किया कि इसका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने या बंद करने से कोई संबंध नहीं है।

पिछले महीने ईरान ने ओमान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, जिसे गल्फ देशों का समर्थन मिला था। इस प्लान में रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से वॉलंटरी ट्रांजिट फीस लेने की बात कही गई थी।

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इजरायल ने कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी

इजरायल के एनर्जी मिनिस्टर एली कोहेन ने कहा कि इजरायल और अमेरिका के बीच सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि डील हो या न हो, अगर ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम या बैलिस्टिक मिसाइल इंडस्ट्री को दोबारा आगे बढ़ाता है, तो इजरायल कार्रवाई करेगा।

ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पिछले मंगलवार को वॉशिंगटन में मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए डिप्लोमेसी, इकोनॉमिक प्रेशर और मिलिट्री एक्शन जैसे विकल्पों पर चर्चा की थी।