Delhi Metro: विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले दिल्ली के ये 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली में आज विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस बीच DMRC ने 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद करने का फैसला लिया है। यात्रियों के लिए इंटरचेंज को लेकर भी जरूरी अपडेट जारी किया गया है। जानें किन स्टेशनों पर कब तक पाबंदी रहेगी।

In Short
- विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले दिल्ली के 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद।
- DMRC के मुताबिक, सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक पाबंदी, हालांकि इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी।
- 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी और खरगे ने CJI से मिलने का समय मांगा था।
दिल्ली में आज यानी 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस बीच दिल्ली मेट्रो के 6 प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद कर दी गई है। ये पाबंदियां सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक लागू रहेंगी। हालांकि, यात्रियों को इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा मिलती रहेगी।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
दिल्ली के इन 6 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखे गए हैं।
इनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
DMRC के मुताबिक, इन स्टेशनों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक यात्रियों की आवाजाही पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, सभी संबंधित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी। यानी यात्री एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे।
DMRC ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां हालात की समीक्षा करेंगी और जरूरत के मुताबिक आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में विपक्ष
विपक्षी दल आज 'चलो दिल्ली - मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के तहत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं।
इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके अलावा मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को तुरंत रोकने और दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की जा रही है।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल अपना विरोध तेज कर रहे हैं।
राहुल गांधी और खरगे ने मांगा था CJI से मिलने का समय
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलने का समय मांगा था।
दोनों नेता शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर अपनी चिंताओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपना चाहते थे।
हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने प्रशासनिक स्तर पर मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
CJI ने विपक्ष को दी याचिका दाखिल करने की सलाह
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इसी तरह के मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर कोई आदेश जारी नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
साथ ही उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामले में अदालत के दरवाजे सभी नागरिकों के लिए हमेशा खुले हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने विपक्षी नेताओं को प्रशासनिक मुलाकात के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करने की सलाह दी। ऐसी याचिका पर अगले दिन सुनवाई हो सकती है।

