
Delhi Pollution: दिल्ली की हवा में घुला जहर! AQI 227 के पार, 1 नवंबर से लागू होंगे सख्त नियम
दिल्ली में सर्दियों की दस्तक से पहले ही प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी की हवा इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। कई इलाकों में हालात और बिगड़ गए हैं। ऐसे में सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए बड़े कदम उठाने की तैयारी की है।

In Short
- दिल्ली की हवा हुई खराब, AQI 227 दर्ज।
- जहांगीरपुरी और पूसा में प्रदूषण बेहद खराब।
- 1 नवंबर से लागू होगा विंटर एक्शन प्लान।
दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत से पहले ही वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। बुधवार सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 227 दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में पहुंचा है। कई इलाकों में हवा की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू करने जा रही है।
दिल्ली में ठंड बढ़ने से पहले ही प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार सुबह राजधानी की हवा इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 227 दर्ज किया गया। अक्टूबर के ज्यादातर दिनों में हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में बनी हुई थी, लेकिन अब इसमें तेजी से गिरावट देखने को मिली है।
दिल्ली के इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली के 59 में से 56 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में प्रदूषण बढ़ने की बात सामने आई है। जहांगीरपुरी में AQI 308 और पूसा में 314 दर्ज किया गया। दोनों इलाकों की हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गई है।
हालांकि, आनंद विहार समेत 16 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, 201 से 300 के बीच AQI को 'खराब' माना जाता है। दिल्ली का औसत AQI जुलाई के मध्य के बाद पहली बार 200 के पार पहुंचा है।
1 नवंबर से लागू होगा विंटर एक्शन प्लान
बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू करेगी, जो 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा।

इसके तहत बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) वाले वाहनों को 500 पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड नॉन-BS-VI वाहनों की राजधानी में एंट्री भी प्रतिबंधित रहेगी।
इसके अलावा धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के बाहरी कामों पर 1 नवंबर से 31 जनवरी तक रोक रहेगी। सरकार दफ्तरों के अलग-अलग समय और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी लागू करेगी। सर्दियों के दौरान पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा।
अचानक क्यों बढ़ गया दिल्ली में प्रदूषण?
मौसम की बदलती परिस्थितियों को प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह माना जा रहा है। रात के तापमान में गिरावट और हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषक वातावरण में फैल नहीं पा रहे हैं।
इससे गाड़ियों का धुआं, धूल और दूसरे प्रदूषक जमीन के करीब जमा हो रहे हैं। खासकर सुबह के समय इसका असर ज्यादा दिखाई देता है। अक्टूबर में 12 और 16 तारीख को बारिश के बाद हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ था।
आने वाले दिनों में कैसी रहेगी दिल्ली की हवा?
मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा 'खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है। तापमान में गिरावट और हवा की कम रफ्तार से प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल की बीमारी से परेशान लोगों को सुबह के समय लंबे वक्त तक बाहर रहने से बचने की सलाह दी है।

