Ferrari खरीदने का सपना होगा आसान? भारत में कीमतें घटने की उम्मीद, कंपनी ने इन 2 शहरों के लिए बनाया बड़ा प्लान
भारत में लग्जरी सुपरकार खरीदने वालों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से Ferrari की कारें पहले के मुकाबले सस्ती होने की उम्मीद है। इसी बीच कंपनी ने भारत में अपना कारोबार बढ़ाने की योजना बनाई है। Ferrari के अधिकारियों ने बताया कि ग्राहक अभी से शोरूम पहुंचकर कीमत और बुकिंग की जानकारी ले रहे हैं।

In Short
- India-EU ट्रेड डील से Ferrari की कारें सस्ती होने की उम्मीद।
- अहमदाबाद और चेन्नई में 2026 के आखिर तक खुलेंगी नई डीलरशिप।
- Ferrari ने 2026 में 19 अक्टूबर तक 45 कारों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया।
भारत में महंगी और लग्जरी स्पोर्ट्स कारों की मांग बढ़ रही है। इटली की मशहूर कार कंपनी Ferrari भी भारतीय बाजार में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से कंपनी को बड़ी उम्मीदें हैं। इस समझौते के लागू होने के बाद सुपरकारों पर आयात शुल्क कम होने की संभावना है। इसी बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए Ferrari साल 2026 के आखिर तक अहमदाबाद और चेन्नई में दो नए डीलरशिप खोलने की योजना बना रही है।
India-EU ट्रेड डील से क्यों बढ़ी Ferrari की मांग?
Ferrari के फार एंड मिडिल ईस्ट प्रेसिडेंट फ्रांसेस्को बियांची ने कहा कि भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से कंपनी की कारों की मांग और बढ़ सकती है। लोगों को लग रहा है कि पहले के मुकाबले Ferrari खरीदना आसान हो सकता है।
वहीं, Ferrari के साउथईस्ट एशिया हेड चार्ल्स एंटोनी जेनेस्टे के मुताबिक, ग्राहक अभी से शोरूम पहुंचकर कार की कीमत और अपनी पसंद के हिसाब से उसे कस्टमाइज कराने के बारे में पूछ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि FTA अगले साल लागू होने की उम्मीद में कुछ ग्राहक अभी से कार बुक कराकर वेटिंग लिस्ट में शामिल होना चाहते हैं।
भारत में कितनी Ferrari कारों की हुई बिक्री?
VAHAN रजिस्ट्रेशन डेटा के मुताबिक, Ferrari की 2025 में भारत में करीब 45 कारें रजिस्टर हुई थीं। वहीं, 2026 में 19 अक्टूबर तक ही यह आंकड़ा 45 तक पहुंच चुका है।
बियांची के मुताबिक, भारत तेजी से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो रहा है और यहां अमीर लोगों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में सुपरकार बाजार में आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं हैं।
कंपनी ने भारतीय बाजार पर खास ध्यान देने के लिए अलग टीम और नया कंट्री मैनेजर भी नियुक्त किया है।
मांग बढ़ने पर भी सीमित रहेंगी कारें
Ferrari का कहना है कि वह मांग बढ़ने के बावजूद अपनी कारों की उपलब्धता सीमित रखेगी।
बियांची के मुताबिक, कंपनी का बिजनेस मॉडल मांग पर आधारित है। Ferrari हमेशा मांग से कम कारें बनाने की रणनीति अपनाती है, ताकि ब्रांड की खास पहचान बनी रहे।
हालांकि, भारत में मांग बढ़ने पर कंपनी यहां ज्यादा कारें उपलब्ध करा सकती है।
भारत में ग्राहकों के लिए खास तैयारी
Ferrari ने भारत में ग्राहकों से जुड़ने के लिए कई कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। कंपनी ने इस साल मुंबई में अपना पहला राष्ट्रीय लॉन्च कार्यक्रम और ग्राहकों के लिए ट्रैक इवेंट आयोजित किया।
इसके अलावा, 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में भारत की पहली Universo Ferrari प्रदर्शनी शुरू की गई, जो 1 नवंबर तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी।
कंपनी ने National Institute of Design के छात्रों के साथ मिलकर Tailor-Made India प्रोजेक्ट भी तैयार किया है। इसमें भारत के 10 शहरों की खास पहचान को Ferrari 12Cilindri और Purosangue SUV के कस्टमाइज्ड डिजिटल डिजाइन में शामिल किया गया है।

