भारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा स्थगित, जानें कब खुलेंगे रास्ते
उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा पर अचानक रोक लगा दी गई है। कई रास्तों पर लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ा है और नदियों का पानी भी तेजी से ऊपर जा रहा है। आखिर यात्रा कब शुरू होगी और रास्ते में फंसे लोगों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं, पढ़ें पूरी खबर।

In Short
- भारी बारिश, लैंडस्लाइड और रेड-ऑरेंज अलर्ट के कारण चारधाम यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी गई है।
- रास्ते में मौजूद लोगों को सुरक्षित जगह ठहराने और रूट क्लियर होने के बाद ही आगे भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
- अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का पानी बढ़ गया है, जबकि उखीमठ में 24 घंटे में 77 MM बारिश रिकॉर्ड हुई है।
Char Dham Yatra: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान मौसम ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के समय रास्तों की हालत तेजी से बिगड़ सकती है, इसलिए प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है। यात्रा पर निकले लोगों से भी बिना सही जानकारी के आगे न बढ़ने और प्रशासन की बात मानने को कहा गया है। ऐसे में प्रशासन को चारधाम यात्रा रोकने का फैसला क्यों लेना पड़ा?
भारी बारिश के बाद लिया गया फैसला
उत्तराखंड प्रशासन ने सोमवार को चारधाम यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी। लगातार बारिश, कई जगह लैंडस्लाइड और मौसम विभाग के रेड-ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि मौसम साफ होने और रास्तों की हालत ठीक होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। लेकिन जो लोग पहले से यात्रा के रास्ते में हैं, उनके रहने का इंतजाम कैसे किया जाएगा?
रास्ते में फंसे यात्रियों को सुरक्षित जगह ठहराने के निर्देश
गढ़वाल कमिश्नर ने सभी संबंधित जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और अधिकारियों से कहा है कि रास्ते में पहले से मौजूद लोगों को ऐसी जगह ठहराया जाए, जहां उन्हें बारिश या लैंडस्लाइड से कोई खतरा न हो।
अधिकारियों को उनके खाने, रहने और दूसरी जरूरी चीजों का ध्यान रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि खराब मौसम में किसी को परेशानी न हो। अब बड़ा सवाल यह है कि इन लोगों को आगे जाने की इजाजत कब मिलेगी?
पूरी तरह सुरक्षित होने पर ही आगे बढ़ सकेंगे श्रद्धालु
चारधाम यात्रा पर निकले लोगों को तभी आगे जाने दिया जाएगा, जब रास्तों की पूरी जांच हो जाए और उन्हें चलने लायक मान लिया जाए। प्रशासन ने अधिकारियों से कहा है कि जब तक रूट क्लियर न हो, किसी को भी आगे न भेजा जाए।
मीडिया और दूसरे कम्युनिकेशन चैनल के जरिए लोगों तक मौसम और रास्तों की सही जानकारी समय पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। लेकिन यात्रा से जुड़ी अलग-अलग बातों के बीच लोगों को किस जानकारी पर भरोसा करना चाहिए?
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
चारधाम यात्रा पर निकले लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। मौसम और रास्तों से जुड़ी जानकारी केवल प्रशासन की ऑफिशियल एडवाइजरी से ही लें।
मौसम ठीक होने तक जिला प्रशासन की बात मानें और बिना इजाजत आगे की यात्रा शुरू न करें। इस बीच लगातार बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का पानी कितना बढ़ गया है?
अलकनंदा और मंदाकिनी का पानी बढ़ा
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का पानी तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां वॉर्निंग लेवल के करीब पहुंच गई हैं। पानी बढ़ने से नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए घाट भी डूब गए हैं।
लेटेस्ट रीडिंग के मुताबिक, अलकनंदा नदी का वॉटर लेवल 625.00 मीटर और मंदाकिनी का 624.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगानगर में पानी का लेवल 799.90 मीटर और गौरीकुंड में 1,974.12 मीटर दर्ज हुआ। लेकिन बीते 24 घंटे में किस इलाके में सबसे ज्यादा बारिश हुई?
उखीमठ में 77 MM बारिश रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटे में रुद्रप्रयाग में 22 MM, उखीमठ में 77 MM और जखोली में 53 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में हल्की बारिश के साथ घना कोहरा भी छाया हुआ है।
डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर ने सभी विभागों को हर हालात के लिए तैयार रहने को कहा है। आसपास रहने वाले लोगों और चारधाम यात्रा पर निकले लोगों से नदी किनारे न जाने और मौसम पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

