
BRICS समिट को लेकर दिल्ली में सख्ती, ड्रोन से लेकर ट्रैफिक तक हर मोर्चे पर निगरानी
BRICS समिट के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया गया है। विदेशी मेहमानों और VVIP मूवमेंट को देखते हुए एंटी-ड्रोन सिस्टम, NSG कमांडो, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें तैनात की गई हैं। 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और आधुनिक निगरानी सिस्टम राजधानी की सुरक्षा संभालेंगे।

In Short
- BRICS समिट की सुरक्षा में एंटी-ड्रोन सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें तैनात।
- दिल्ली में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी, 100 से ज्यादा NSG कमांडो और 1000 से ज्यादा SWAT कमांडो संभालेंगे सुरक्षा।
- VVIP मूवमेंट के लिए 35 प्रमुख सड़कें और 22 डायवर्जन पॉइंट चिन्हित, GPS और CCTV से होगी निगरानी।
BRICS समिट के दौरान दिल्ली और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। अगले तीन से चार दिनों तक नई दिल्ली की ऊंची इमारतों पर बंदूकधारी कमांडो नजर आ सकते हैं। सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें तैनात की गई हैं।
11 से 13 दिसंबर तक दिल्ली में 35 रूट और 11 होटल सुरक्षा घेरे में रहेंगे। समिट का मुख्य कार्यक्रम भारत मंडपम में आयोजित होगा, जहां मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड लगाया गया है। प्रतिनिधियों के ठहरने वाले प्रमुख होटलों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
दिल्ली पुलिस के डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। इसके अलावा 100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम को एक्टिव किया गया है।
दिल्ली में एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें भी तैनात कर दी गई हैं। करीब 30 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें DCP स्तर के अधिकारी शामिल हैं, पूरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इसके अलावा 1000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस SWAT कमांडो भी सुरक्षा में लगाए गए हैं।
एयरपोर्ट से होटल तक रहेगी निगरानी
विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट पहुंचने से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने तक सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा। भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में एंट्री-एग्जिट जांच, सर्विलांस और वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तैयार रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने आसपास के राज्यों के साथ भी सुरक्षा को लेकर समन्वय किया है, ताकि आने-जाने वाले वाहनों और लोगों पर नजर रखी जा सके।
ड्रोन उड़ाने पर रहेगी रोक
समिट के दौरान सुरक्षा वाले इलाकों में ड्रोन या किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस आसमान से होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।
VVIP मूवमेंट के दौरान कमांड और कंट्रोल रूम से पूरे सुरक्षा इंतजाम की निगरानी की जाएगी। कैमरों और दूसरे निगरानी सिस्टम के जरिए रास्तों पर नजर रखी जाएगी।
35 प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था बदलेगी
BRICS समिट के दौरान VVIP काफिलों की आवाजाही के लिए 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया गया है। इनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड और मथुरा रोड जैसे रास्ते शामिल हैं।
VVIP मूवमेंट के समय ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें पटेल चौक, धौला कुआं, मोती बाग फ्लाईओवर, मंडी हाउस और ओबेरॉय फ्लाईओवर जैसे स्थान शामिल हैं।
GPS और CCTV से होगी निगरानी
ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 5000 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है। VVIP काफिलों की सुरक्षित आवाजाही के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग, CCTV सर्विलांस, टेक्निकल मॉनिटरिंग और रियल टाइम कम्युनिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्विक रिस्पॉन्स टीम के साथ मेडिकल और फायर रिस्पॉन्स टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि ट्रैफिक पूरी तरह बंद नहीं रहेगा। प्रतिबंध जरूरत और VVIP मूवमेंट के समय के हिसाब से लगाए जाएंगे।
मेट्रो सेवा पर सामान्य तौर पर कोई रोक नहीं रहेगी, लेकिन यात्रियों को संबंधित स्टेशनों और निकास की ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

