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BRICS Summit 2026: ईरान ने उठाया डी-डॉलराइजेशन मुद्दा, डॉलर निर्भरता कम करने पर जोर

BRICS Summit 2026 से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और BRICS के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने न्यू डेवलपमेंट बैंक को वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था का अहम जरिया बताया। ईरान स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और नए पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।

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मसूद पेज़ेशकियन 18वें BRICS Summit के लिए नई दिल्ली पहुंचे, राष्ट्रपति बनने के बाद पहली भारत यात्रा
मसूद पेज़ेशकियन 18वें BRICS Summit के लिए नई दिल्ली पहुंचे, राष्ट्रपति बनने के बाद पहली भारत यात्रा

In Short

  • ईरान ने BRICS देशों से डॉलर निर्भरता घटाने और स्थानीय करेंसी में व्यापार बढ़ाने की अपील की
  • मसूद पेज़ेशकियन ने न्यू डेवलपमेंट बैंक को वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था का आधार बताया
  • BRICS Summit में डी-डॉलराइजेशन और नए पेमेंट सिस्टम पर चर्चा होने की संभावना

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने BRICS देशों से अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और समूह के वित्तीय ढांचे का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की है। नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit से पहले उन्होंने डी-डॉलराइजेशन को अहम मुद्दा बताया और वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।

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पेज़ेशकियन ने कहा कि न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना का उद्देश्य सदस्य देशों को डॉलर आधारित वित्तीय प्रणाली पर निर्भरता कम करने में मदद करना था। उन्होंने इसे अमेरिका के वित्तीय दबदबे का मुकाबला करने वाले एक विकल्प के तौर पर पेश किया।

ईरान के लिए क्यों अहम है डी-डॉलराइजेशन?

ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। ऐसे में डॉलर आधारित वित्तीय प्रणाली के विकल्पों तक पहुंच बढ़ाना उसके लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

ईरान 2024 में BRICS का सदस्य बना था और वह इस समूह को वैकल्पिक आर्थिक सहयोग के मंच के रूप में देखता है। अगस्त में ईरान के केंद्रीय बैंक ने भी कहा था कि तेहरान NDB में शामिल होने और BRICS देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

BRICS में स्थानीय करेंसी और नए पेमेंट सिस्टम पर जोर

BRICS देश लंबे समय से स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और ऐसे पेमेंट सिस्टम विकसित करने पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में डॉलर की भूमिका कम की जा सके।

इस पहल का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच वित्तीय संबंधों को मजबूत करना है। हालांकि, इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं, जैसे अलग-अलग वित्तीय प्रणालियां, मुद्रा परिवर्तनीयता और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार का सीमित पैमाना।

क्या है न्यू डेवलपमेंट बैंक?

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना 2015 में BRICS के शुरुआती सदस्य देशों- भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी।

इस बैंक का मुख्यालय शंघाई में है और इसका उद्देश्य BRICS देशों समेत अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर और टिकाऊ विकास परियोजनाओं के लिए फंड उपलब्ध कराना है।

BRICS Summit के लिए भारत पहुंचे पेज़ेशकियन

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। यह राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है।

वह भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव, यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं।

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ईरान के लिए BRICS Summit स्थानीय करेंसी में व्यापार, वैकल्पिक वित्तीय चैनल और अमेरिकी प्रतिबंधों के असर को कम करने की रणनीति को आगे बढ़ाने का अवसर है।