ये 8 ट्रेन रूट्स आपकी छुट्टियों को बना देंगे यादगार! कम बजट और कम समय में मिलेगा भरपूर मजा
अकेले घूमने का प्लान बना रहे हैं और सफर को आसान रखना चाहते हैं? देश के कई खूबसूरत शहरों तक वंदे भारत से कम समय में आराम से पहुंचा जा सकता है। मंदिरों से लेकर समुद्र, पहाड़ और किलों तक, जानिए कौन से रूट सोलो ट्रिप के लिए खास हो सकते हैं।

In Short
- वंदे भारत के आठ रूट कम समय में आरामदायक सोलो ट्रिप का मौका देते हैं, जहां मंदिर, किले, झीलें, समुद्र और पहाड़ देखे जा सकते हैं।
- दिल्ली-खजुराहो, दिल्ली-भोपाल, हावड़ा-पुरी और अहमदाबाद-जोधपुर जैसे रूट इतिहास, स्थानीय खाने और दर्शनीय स्थलों के लिए खास हैं।
- मंगलुरु-मडगांव, हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी और मुंबई-हजूर साहिब नांदेड़ जैसे रूट समुद्र, पहाड़ और शांत धार्मिक यात्रा पसंद करने वालों के लिए बेहतर विकल्प हैं।
Best Train Trips in India: अकेले घूमने का अपना अलग मजा होता है। इसमें आप अपनी पसंद से जगह चुन सकते हैं, बिना किसी जल्दबाजी के घूम सकते हैं और रास्ते में मिलने वाले नए लोगों, खाने और वहां के माहौल को करीब से जान सकते हैं।
लेकिन सोलो ट्रिप तभी मजेदार बनती है, जब सफर आसान हो और मंजिल तक पहुंचने में ज्यादा परेशानी न हो। ऐसे में वंदे भारत कई यात्रियों के लिए अच्छा विकल्प बन सकती है। तो कौन से रूट कम समय में आराम से घूमने का मौका देते हैं?
कम समय में आरामदायक सोलो ट्रिप
वंदे भारत के इन आठ रूट पर सफर करते हुए मंदिर, पुराने किले, झीलें, समुद्र किनारे और पहाड़ देखने का मौका मिलता है। ट्रेन तेज और आरामदायक होने के कारण अकेले घूमने वालों को बार-बार साधन बदलने या लंबे सफर की ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती।
यात्री अपनी पसंद के हिसाब से शांत जगह, खूबसूरत नजारे या इतिहास से जुड़ी जगह चुन सकते हैं। लेकिन पुराने मंदिर और शानदार नक्काशी देखनी हो तो दिल्ली से किस शहर का सफर सबसे खास हो सकता है?
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दिल्ली से खजुराहो
पुराने मंदिर और शानदार कारीगरी देखने वालों के लिए दिल्ली से खजुराहो का सफर अच्छा विकल्प है। यहां सदियों पुराने मंदिरों की दीवारों पर बनी बारीक नक्काशी देखी जा सकती है। शाम के समय होने वाला लाइट एंड साउंड शो भी यात्रियों को काफी पसंद आता है।

खजुराहो की शांत गलियों में अकेले आराम से घूमने का अलग ही मजा है। लेकिन अगर झील के किनारे सुकून और शहर के मशहूर खाने का मजा लेना हो, तो दिल्ली से भोपाल का सफर कैसा रहेगा?
दिल्ली से भोपाल
भोपाल में अपर लेक के किनारे सुबह बिताई जा सकती है। यहां कई म्यूजियम, ऐतिहासिक इमारतें और मशहूर स्ट्रीट फूड भी हैं। शहर का शांत माहौल पहली बार अकेले घूमने वाले यात्रियों के लिए सुविधाजनक रहता है।

चेन्नई से विजयवाड़ा
भोपाल में अपर लेक के किनारे सुबह का समय बिताया जा सकता है। यहां म्यूजियम, पुरानी इमारतें और मशहूर स्ट्रीट फूड भी देखने और चखने को मिलता है।

शहर का शांत माहौल पहली बार अकेले घूमने वालों के लिए सफर को आसान बना देता है। लेकिन अगर मंदिर देखने के साथ नदी किनारे घूमना और अच्छा खाना चखना हो, तो चेन्नई से विजयवाड़ा का रूट कैसा रहेगा?
मंगलुरु से मडगांव
यह रूट मंदिर घूमने और अलग-अलग खाने का स्वाद लेने वालों के लिए अच्छा है। विजयवाड़ा में कनक दुर्गा मंदिर जा सकते हैं और कृष्णा नदी के किनारे कुछ समय बिता सकते हैं।

यहां आंध्र प्रदेश के तीखे और स्वादिष्ट खाने का भी मजा लिया जा सकता है। लेकिन अगर आप समुद्र किनारे घूमने और गोवा जैसा माहौल देखने चाहते हैं, तो मंगलुरु से मडगांव का सफर कैसा रहेगा?
हावड़ा से पुरी और न्यू जलपाईगुड़ी
पुरी में सुबह समुद्र किनारे उगता सूरज देखना आपके सफर को खास बना सकता है। वहीं हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी का रूट दार्जिलिंग जाने वालों के लिए अच्छा है। यहां चाय के बागान, टॉय ट्रेन और धुंध से ढकी पहाड़ियां देखने को मिलती हैं।

लेकिन अगर आप किले, रंगीन बाजार और राजस्थानी खाने का मजा लेना चाहते हैं, तो अहमदाबाद से जोधपुर का सफर कैसा रहेगा?
अहमदाबाद से जोधपुर
जोधपुर की नीली गलियां, वहां की मिठाइयां, बाजार और मेहरानगढ़ किला इस सफर को खास बनाते हैं। किले के पास बने रूफटॉप कैफे से पूरे शहर का शानदार नजारा देखा जा सकता है।

लेकिन अगर शांत माहौल में कुछ समय बिताना और गुरुद्वारे के दर्शन करना हो, तो मुंबई से हजूर साहिब नांदेड़ का सफर कैसा रहेगा?
मुंबई से हजूर साहिब नांदेड़
शांत माहौल में कुछ समय बिताने वाले यात्री इस रूट को चुन सकते हैं।

हजूर साहिब सिख धर्म के सबसे खास स्थानों में से एक है। गुरुद्वारे में दर्शन करने और नदी किनारे घूमने के दौरान यात्रियों को सुकून के पल बिताने का मौका मिलता है।

