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Bengal Airbase Expansion: चीन सीमा के पास राफेल बेस को मिलेगी नई ताकत, हसीमारा एयरबेस विस्तार का बड़ा फैसला

चीन सीमा के करीब भारत की हवाई ताकत को और मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल में हसीमारा और कलाईकुंडा एयरबेस के विस्तार का फैसला सिर्फ जमीन आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वी मोर्चे पर वायुसेना की भविष्य की रणनीति से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है। सवाल है कि 25 एकड़ और 37 एकड़ अतिरिक्त जमीन मिलने के बाद पूर्वी एयर डिफेंस सिस्टम कितना बदलने वाला है?

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Airbase Rafel
AI Image

In Short

  • राफेल बेस हसीमारा के लिए 25 एकड़ जमीन, पूर्वी सुरक्षा होगी मजबूत
  • Bengal Airbase Expansion: हसीमारा और कलाईकुंडा एयरबेस को मिलेगी नई ताकत
  • Bengal Airbase Expansion: चीन सीमा के पास एयरबेस विस्तार का बड़ा फैसला
  • पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, दो एयरबेस को मिलेगी अतिरिक्त जमीन

पूर्वी भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार हसीमारा एयर फोर्स स्टेशन के लिए 25 एकड़ और कलाईकुंडा एयर फोर्स स्टेशन के लिए 37 एकड़ जमीन आवंटित करेगी। Bengal Airbase Expansion के तहत यह जमीन दोनों एयरबेस के बुनियादी ढांचे, नई सुविधाओं और भविष्य की सैन्य जरूरतों के विस्तार में इस्तेमाल होगी। यह फैसला खास तौर पर पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है क्योंकि हसीमारा एयरबेस भारत-चीन सीमा के करीब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर है।

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हसीमारा एयरबेस: राफेल स्क्वाड्रन की अहम तैनाती

हसीमारा एयरबेस पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में भूटान सीमा के पास स्थित है। यह भारतीय वायुसेना का महत्वपूर्ण फॉरवर्ड बेस है। यहां राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट की दूसरी स्क्वाड्रन तैनात है, जो पूर्वी क्षेत्र में भारत की लड़ाकू क्षमता को मजबूत करती है। राफेल लंबी दूरी तक हमला करने और हवा से हवा व हवा से जमीन दोनों तरह के मिशन को अंजाम देने में सक्षम मल्टीरोल फाइटर है। सूत्रों के अनुसार इस बेस पर S-400 ट्रायम्फ लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम भी मौजूद है। हालांकि सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।

अतिरिक्त 25 एकड़ जमीन से हसीमारा में रनवे सुविधाएं, हैंगर, रखरखाव कार्यशालाएं और सैनिकों की आवास व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।

कलाईकुंडा एयरबेस: ट्रेनिंग और ऑपरेशन का बड़ा केंद्र

पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित कलाईकुंडा एयरबेस पूर्वी एयर कमांड के तहत एक प्रमुख फाइटर और ट्रेनिंग हब है। यहां Su-30 MKI और हॉक ट्रेनर एयरक्राफ्ट तैनात रहते हैं। यह बेस अंतरराष्ट्रीय एयर एक्सरसाइज के लिए भी जाना जाता है। कलाईकुंडा की रनवे करीब 10,000 फीट लंबी है और यह फाइटर व ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट दोनों को संभाल सकती है। 37 एकड़ अतिरिक्त जमीन से यहां लॉजिस्टिक्स, आवास, रखरखाव और सपोर्ट सुविधाओं का विस्तार होगा।

पूर्वी कमान की तैयारियों को मिलेगा बल

हसीमारा और कलाईकुंडा एयरबेस सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं। यह कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी देश से जोड़ता है। अतिरिक्त जमीन मिलने से वायुसेना को रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम, लॉजिस्टिक सपोर्ट और ऑपरेशनल सुविधाएं मजबूत करने में मदद मिलेगी।