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शराब मामले में कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद भावुक हुए केजरीवाल, बोले- यह सच की जीत है... देखें VIDEO

कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए केजरीवाल ने इसे सच की जीत बताया, साथ ही उनके खिलाफ दर्ज केस को पूरी तरह से फर्जी कहा। केजरीवाल कहा कि उनकी आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षडयंत्र रचा था।

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आज दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को बहुत बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें शराब नीति से जुड़े मामलों में क्लीन चिट देकर उन्हें इस केस से बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए केजरीवाल ने इसे सच की जीत बताया, साथ ही उनके खिलाफ दर्ज केस को पूरी तरह से फर्जी कहा।

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केजरीवाल कहा कि उनकी आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षडयंत्र रचा था।

भावुक हुए केजरीवाल

कोर्ट से बाहर आने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए केजरीवाल काफी भावुक हो गए थे। केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला केवल उनकी छवि और उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ यह केस पूरी तरह से फर्जी था, जिसे आज कोर्ट ने भी स्वीकार किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए देश के संविधान से खिलवाड़ न करें।

कोर्ट से मिली क्लीन चिट

लंबे समय से चल रहे दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल समेत उनकी पार्टी के कई नेता इस केस में आरोपी थे। हालांकि आज दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत इस केस में आरोपित 23 लोगों को इस केस से बरी कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि लगाए हुए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए गए, ऐसे में इन आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है।

कोर्ट ने सीबीआई द्वारा दायर चार्जशीट में भी कई खामियां बताईं। इसके साथ ही कोर्ट ने माना कि कई सवालों का जवाब भी संतोषजनक नहीं था। जांच एजेंसी के द्वारा दिए गए सबूत कमजोर थे और आरोप सिद्ध करने में अपर्याप्त पाए गए। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल आरोप भर लगाने से मामला नहीं बनता, जब व्यक्ति किसी संवैधानिक पद पर होता है तो उसके खिलाफ आरोप लगाने के लिए ठोस सबूत होना जरूरी है।

क्या थी विवादित शराब नीति?

अपने कार्यकाल के दौरान अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी लाई थी। इसी पॉलिसी के खिलाफ सीबीआई ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं जैसे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया को आरोपी बताया था।

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आगे की राह नहीं आसान

कोर्ट के इस फैसले से सीबीआई संतुष्ट नहीं है। ऐसे में हो सकता है कि सीबीआई इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे। इसके लिए सीबीआई कोर्ट के फैसले की जांच कर अपना आगे का प्लान तय करेगी।