₹3 करोड़ में मिल सकती है अर्जेंटीना की नागरिकता! जानें क्या है नया Golden Passport प्लान
अर्जेंटीना ने विदेशी निवेशकों के लिए नया Golden Passport Programme पेश किया है। इसके तहत बड़ी रकम देने या सरकारी बॉन्ड खरीदने वाले विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे। खास बात है कि इसके लिए Argentina में तय समय तक रहना भी जरूरी नहीं होगा। जानिए नागरिकता के लिए कितने पैसे देने होंगे और Argentina का पासपोर्ट क्या फायदे देता है।

In Short
- $350,000 देकर Argentina की नागरिकता के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
- दूसरा विकल्प $800,000 का सरकारी बॉन्ड खरीदने का है।
- - पासपोर्ट से 140 से ज्यादा देशों में Visa Free Travel की सुविधा मिलेगी।
अर्जेंटीना ने अमीर विदेशी लोगों को नागरिकता देने के लिए नया Golden Passport कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत विदेशी नागरिक एक तय रकम देकर या सरकारी बॉन्ड खरीदकर अर्जेंटीना की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस योजना का मकसद देश में विदेशी निवेश बढ़ाना और ज्यादा डॉलर लाना है।
यह योजना राष्ट्रपति जेवियर मिलेई की आर्थिक नीतियों का हिस्सा है। अर्जेंटीना के अर्थव्यवस्था मंत्री लुइस कैपुटो ने शुक्रवार को Paris में आयोजित एक निवेश सम्मेलन में इसकी घोषणा की।
नागरिकता के लिए कितने पैसे देने होंगे?
इस योजना में आवेदन करने वालों के पास दो विकल्प होंगे। पहला, वे अर्जेंटीना के सरकारी खजाने में 3.50 लाख डॉलर दे सकते हैं। दूसरा विकल्प 8 लाख डॉलर का सरकारी बॉन्ड खरीदने का है।
Argentina सरकार को इस योजना पर सलाह दे रही Malta की एक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक मेजर का मानना है कि ज्यादातर लोग सरकारी खजाने में सीधे रकम देने का विकल्प चुन सकते हैं। इसकी वजह अर्जेंटीना के कर्ज भुगतान में चूक का पुराना इतिहास बताया गया है।
अर्जेंटीना के पासपोर्ट से क्या फायदा?
अर्जेंटीना का पासपोर्ट रखने वाले लोग 140 से ज्यादा देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। इनमें European Union के देश, Russia और China भी शामिल हैं।
इसके अलावा क्षेत्रीय समझौतों के तहत अर्जेंटीना के नागरिकों को South America के देशों में रहने और काम करने का अधिकार मिलता है।
कई देश निवेश के बदले रहने की अनुमति देते हैं, लेकिन दुनिया में फिलहाल करीब एक दर्जन देशों में ही निवेश के बदले नागरिकता देने वाले Golden Passport कार्यक्रम चल रहे हैं।
क्यों बढ़ रही दूसरे पासपोर्ट की मांग?
दूसरे पासपोर्ट की मांग लंबे समय से उन देशों के लोगों के बीच ज्यादा रही है, जहां दूसरे देशों में जाने के लिए वीजा के नियम काफी सख्त हैं। इनमें Russia, China के साथ West Asia और Africa के कई देशों के लोग शामिल हैं।
अब Americans के बीच भी ऐसे कार्यक्रमों को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है। एरिक मेजर के मुताबिक कई अमेरिकी नागरिक दूसरे पासपोर्ट को मुश्किल समय के लिए एक वैकल्पिक योजना के तौर पर देख रहे हैं।
Golden Passport को लेकर क्यों है विवाद?
Golden Passport योजनाओं को लेकर कई सवाल भी उठते रहे हैं। European Union और United States ने कई देशों से ऐसी योजनाओं पर सख्ती करने या इन्हें बंद करने को कहा है। चिंता है कि इनका इस्तेमाल टैक्स चोरी करने वाले, अपराधी या कानून से बचने वाले लोग कर सकते हैं।
European Union की Court of Justice ने Malta की Golden Passport योजना के खिलाफ फैसला दिया था। कोर्ट का कहना था कि नागरिकता का किसी देश से वास्तविक जुड़ाव होना चाहिए और इसे केवल पैसे के लेनदेन में नहीं बदला जा सकता।
Argentina की योजना में आवेदन करने वाले लोगों को देश में किसी तय अवधि तक रहने की जरूरत नहीं होगी।
आवेदन करने वालों की होगी सख्त जांच
अर्जेंटीना सरकार का कहना है कि नागरिकता के लिए आने वाले हर आवेदन की सख्त जांच होगी। इसमें आवेदक के पैसे कहां से आए, उसका आपराधिक रिकॉर्ड क्या है और उसकी छवि से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जाएगी।
अर्जेंटीना इस तरह की योजना चलाने वाला Turkey के बाद दूसरा G20 देश होगा। यह कदम राष्ट्रपति जेवियर मिलेई की मुक्त बाजार वाली आर्थिक नीतियों के मुताबिक उठाया गया है।

