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फ्लाइट टिकट बुक करना है? Air India और IndiGo घटा रही हैं उड़ानें, जानें आपकी यात्रा पर क्या होगा असर?

अमेरिका-ईरान तनाव के बाद एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद घटती मांग के कारण एयरलाइंस ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।

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AI Generated Image

भारत की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस - Air India और IndiGo आगामी महीने जून से अगस्त तक अपनी घरेलू उड़ानों में कटौती करने जा रही हैं। दोनों कंपनियों का घरेलू एविएशन बाजार में 90% से ज्यादा हिस्सा है, ऐसे में इस फैसले का सीधा असर यात्रियों की जेब और यात्रा योजनाओं पर पड़ सकता है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव के बाद एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद घटती मांग के कारण एयरलाइंस ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।

Air India करेगी 15% तक कटौती

बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के अनुसार, Air India अपने घरेलू नेटवर्क में करीब 15% तक उड़ानें कम करेगी। एयरलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंपनी हर हफ्ते लगभग 3,800 घरेलू उड़ानें संचालित करती है, लेकिन ATF की कीमतें ₹80,000 प्रति किलोलीटर से बढ़कर कई शहरों में ₹1 लाख प्रति किलोलीटर से ऊपर पहुंच गई हैं।

अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा ईंधन कीमतों पर उड़ान संचालन आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं रह गया है। हालांकि एयर इंडिया किसी भी रूट को पूरी तरह बंद नहीं करेगी, लेकिन चुनिंदा सेक्टर्स पर उड़ानों की संख्या कम की जाएगी।

किन रूट्स पर असर पड़ेगा?

मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जाने वाली उड़ानों में कटौती हो सकती है। वहीं दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता जाने वाली सेवाएं भी कम होंगी। दक्षिण भारत के कई सेक्टर्स पर रिटर्न फ्लाइट्स कैंसिल किए जाने की संभावना है।

कंपनी ने 1 जून से 31 अगस्त तक के लिए कई उड़ानों को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है ताकि नई बुकिंग न हो सके।

IndiGo भी घटाएगी उड़ानें

IndiGo भी अपने घरेलू नेटवर्क में 5% से 7% तक कटौती की तैयारी में है। एयरलाइन सूत्रों के मुताबिक, अकादमिक छुट्टियां खत्म होने के बाद आमतौर पर डिमांड घट जाती है, जिससे सीट ऑक्यूपेंसी कम हो जाती है।

IndiGo फिलहाल रोजाना करीब 1,950 उड़ानें संचालित करती है। ऐसे में मामूली कटौती भी बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिलेशन में बदल सकती है।

यात्रियों पर क्या होगा असर?

एविएशन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्षमता यानी सीटों की संख्या कम होने से टिकट की कीमतें और बढ़ सकती हैं। पहले ही घरेलू हवाई किराए करीब 15% तक बढ़ चुके हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय किराए में 35% से 40% तक उछाल देखा जा रहा है।

गर्मी की छुट्टियों में आखिरी समय पर यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों को ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। सबसे ज्यादा असर दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो रूट्स पर देखने को मिल सकता है।

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ATF कीमतें क्यों बढ़ीं?

फरवरी के अंत से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा भारतीय एयरलाइंस को कई और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जैसे:

  • डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
  • पाकिस्तान और पश्चिम एशिया के एयरस्पेस बंद होने से लंबा रूट लेना
  • लंबी उड़ानों में ज्यादा ईंधन खर्च
  • अंतरराष्ट्रीय यात्रा में गिरावट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नागरिकों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा कम करने की अपील का भी असर देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर

Air India पहले ही अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 25% तक कटौती कर चुकी है। इसका असर करीब 33 अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर पड़ा है और लगभग 1,200 उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

कम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का असर घरेलू नेटवर्क पर भी पड़ रहा है क्योंकि दिल्ली और मुंबई जैसे हब शहरों के लिए घरेलू कनेक्टिंग यात्रियों की संख्या घट रही है।

IndiGo ने भी कथित तौर पर अपनी कुल उड़ानों में करीब 12% कटौती की है। एयरलाइन के पास 440 विमानों का बेड़ा है, जिनमें से लगभग 80% लीज पर हैं।

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वहीं SpiceJet सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। कर्मचारियों का 2.5 महीने से ज्यादा वेतन बकाया है और एयरलाइन का बेड़ा 35 विमानों से घटकर 21 रह गया है। कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रद्द करनी पड़ी हैं।

राज्यों ने ATF पर घटाया टैक्स

एयरलाइंस पर दबाव कम करने के लिए कुछ राज्यों ने ATF पर वैट घटाया है। दिल्ली सरकार ने 17 मई को ATF पर VAT 25% से घटाकर 7% कर दिया। वहीं महाराष्ट्र ने भी VAT को 18% से घटाकर 7% कर दिया है, जो 14 नवंबर तक लागू रहेगा।

IndiGo ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज

ATF महंगा होने के बाद अप्रैल में IndiGo ने घरेलू यात्रियों के लिए नया फ्यूल चार्ज स्ट्रक्चर लागू किया था।

  • 500 किमी तक के रूट पर ₹275 अतिरिक्त शुल्क
  • 2,000 किमी से ज्यादा दूरी पर ₹950 तक फ्यूल चार्ज
  • बीच की दूरी पर ₹400 से ₹800 तक अतिरिक्त शुल्क

इंडस्ट्री को आगे भी संकट का डर

रेटिंग एजेंसी ICRA की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट किंजल शाह के मुताबिक, मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात के कारण एयरलाइंस का लागत दबाव बना रहेगा और FY27 में भी नुकसान जारी रह सकता है।

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ICRA का अनुमान है कि FY27 में एविएशन सेक्टर का नेट लॉस ₹11,000-12,000 करोड़ रह सकता है, हालांकि यह FY26 के ₹17,000-18,000 करोड़ के नुकसान से कम होगा।

दिलचस्प बात यह है कि Singapore Airlines की रिपोर्ट के मुताबिक Air India का घाटा FY26 में बढ़कर ₹26,000 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹10,859 करोड़ था। Singapore Airlines के पास Air India में 25.1% हिस्सेदारी है।