
टिम कुक ने छोड़ी एप्पल के CEO की कुर्सी, लेकिन कंपनी में बना रहेगा उनका दबदबा
एप्पल में बड़ा नेतृत्व बदलाव हुआ है। टिम कुक ने सीईओ पद छोड़ दिया है और जॉन टर्नस ने कमान संभाल ली है। हालांकि, कुक कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं। उनका नया रोल, बड़ा पे पैकेज और एप्पल की आगे की रणनीति अब चर्चा में है।

In Short
- टिम कुक ने एप्पल के सीईओ पद से इस्तीफा दिया, लेकिन वह एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे।
- जॉन टर्नस ने नए सीईओ के तौर पर कमान संभाली; उनका कुल पैकेज 58 मिलियन डॉलर बताया गया है।
- टिम कुक को 47 मिलियन डॉलर का पैकेज मिलेगा और वह रणनीति, सरकार से रिश्ते व सप्लाई चेन जैसे अहम मामलों पर नजर रखेंगे।
एप्पल में 1 सितंबर को बड़ा नेतृत्व बदलाव हुआ। टिम कुक ने सीईओ पद छोड़ दिया और जॉन टर्नस ने कंपनी के नए चीफ एग्जीक्यूटिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल ली। हालांकि, कुक कंपनी से बाहर नहीं जा रहे हैं। वह बोर्ड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे और अहम फैसलों में उनकी भूमिका जारी रहेगी।

टिम कुक के पास रहेंगी बड़ी जिम्मेदारियां
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कुक एप्पल की लंबी अवधि की रणनीति और बोर्ड की निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में अमेरिका के व्हाइट हाउस और चीन सरकार समेत दुनिया के बड़े नीति निर्माताओं के साथ संबंध संभालना शामिल होगा। इसके अलावा कुक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चुनौतियों, रेगुलेटरी नियमों और ट्रेड पॉलिसी से जुड़े मामलों पर नजर रखेंगे। सप्लाई चेन, सेमीकंडक्टर और मेमोरी की कमी जैसे मुद्दों में भी उनका दखल रहेगा।
कुक को मिलेंगे 47 मिलियन डॉलर
एप्पल की हालिया एसईसी फाइलिंग के मुताबिक, कुक का कुल पैकेज 47 मिलियन डॉलर होगा, जो 2025 के 74 मिलियन डॉलर से कम है। इसमें 2 मिलियन डॉलर की सालाना बेस सैलरी और 45 मिलियन डॉलर की इक्विटी शामिल है। वहीं, नए सीईओ जॉन टर्नस का कुल पैकेज 58 मिलियन डॉलर होगा। इसमें 3 मिलियन डॉलर की बेस सैलरी, 2.5 मिलियन डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड और 55 मिलियन डॉलर की इक्विटी शामिल है। परफॉर्मेंस बोनस इसमें शामिल नहीं है।
ऐप स्टोर में भी बदलाव की तैयारी
टर्नस के नेतृत्व में एप्पल ऐप स्टोर की रणनीति बदल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी सर्विसेज से ज्यादा कमाई और ऐप स्टोर से नियमित रेवेन्यू बढ़ाने पर जोर दे सकती है।
ऐप स्टोर संभालने वाले फिल शिलर कंपनी छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने नई रणनीति पर आपत्ति जताई थी। डेवलपर्स पहले से ही एप्पल के कमीशन, नियमों और पाबंदियों को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। ऐसे में ज्यादा कमाई पर जोर देने से तनाव और बढ़ सकता है।

