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AI से तगड़ी कमाई के बावजूद IT कंपनियों की ग्रोथ धीमी क्यों? जानें इसके पीछे की असली वजह

भारत की बड़ी IT कंपनियों TCS और HCLTech की AI से कमाई तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कुल कारोबार की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या AI कंपनियों के लिए नया कारोबार ला रहा है या पुराने IT काम की जगह ले रहा है? विशेषज्ञों ने इस अंतर के पीछे की अहम वजहें बताई हैं।

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AI से TCS और HCLTech की कमाई में तेज उछाल, लेकिन IT कंपनियों की कुल ग्रोथ अब भी धीमी
AI से TCS और HCLTech की कमाई में तेज उछाल, लेकिन IT कंपनियों की कुल ग्रोथ अब भी धीमी

In Short

  • TCS का सालाना AI रेवेन्यू रन रेट 3.1 अरब डॉलर के पार।
  • HCLTech के एडवांस्ड AI रेवेन्यू में 72% की बढ़ोतरी।
  • AI से कमाई बढ़ी, लेकिन IT कंपनियों की कुल ग्रोथ धीमी।

भारत की बड़ी IT कंपनियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कमाई तेजी से बढ़ रही है। TCS और HCLTech जैसी कंपनियां AI से जुड़े कारोबार में शानदार ग्रोथ दर्ज कर रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि जब AI से कमाई इतनी तेजी से बढ़ रही है, तो कंपनियों का कुल रेवेन्यू उसी रफ्तार से क्यों नहीं बढ़ रहा? विशेषज्ञों के मुताबिक, AI से नया कारोबार मिलने के साथ पुराने IT काम की मांग और कीमतों पर भी असर पड़ रहा है।

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AI से कमाई बढ़ी, लेकिन कुल ग्रोथ धीमी

देश की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS ने वित्त वर्ष 2026-27 के जुलाई से सितंबर के तीन महीनों में AI से सालाना आधार पर अनुमानित कमाई 3.1 अरब डॉलर से ज्यादा बताई है। इसमें पिछले तीन महीनों के मुकाबले 19.2% की बढ़ोतरी हुई है।

वहीं, HCLTech का सालाना आधार पर एडवांस्ड AI रेवेन्यू 876 मिलियन डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल से 72% ज्यादा है।

हालांकि, दोनों कंपनियों के कुल डॉलर रेवेन्यू की ग्रोथ काफी कम रही। TCS का रेवेन्यू 2.4% और HCLTech का 2.2% बढ़ा।

क्या AI पुराने IT कारोबार की जगह ले रहा है?

AI की मदद से कंपनियां अब कई काम कम समय और कम लागत में कर सकती हैं। इनमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, टेस्टिंग और मेंटेनेंस जैसे काम शामिल हैं।

इससे IT कंपनियों के ग्राहकों को फायदा हो रहा है, लेकिन वे कम खर्च में ज्यादा काम करवाने की मांग भी कर रहे हैं।

ऐसे में AI से मिलने वाला नया कारोबार पुराने IT प्रोजेक्ट्स से होने वाली कमाई की जगह ले सकता है। यही वजह है कि AI कारोबार बढ़ने के बावजूद कुल रेवेन्यू में बड़ी तेजी नहीं दिख रही है।

अगले 12 से 18 महीने क्यों अहम?

Deloitte India के पार्टनर सिद्धार्थ टिपनिस के मुताबिक, अगले 12 से 18 महीनों में पुराने IT कॉन्ट्रैक्ट्स की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि AI कंपनियों के लिए नया बजट और नया कारोबार लेकर आएगा या मौजूदा काम को कम लागत में पूरा करने का जरिया बनेगा।

दूसरी IT कंपनियों का कैसा रहा प्रदर्शन?

IT सेक्टर की दूसरी कंपनियों के नतीजे भी मिले-जुले रहे हैं। Wipro के IT सर्विसेज रेवेन्यू में सालाना आधार पर सिर्फ 0.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, कंपनी की कुल बुकिंग पिछले तीन महीनों के मुकाबले 22.9% घट गई।

दूसरी ओर, Tech Mahindra का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 15.6% बढ़ा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, IT कंपनियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती AI से बढ़ती कमाई को कुल कारोबार की तेज ग्रोथ में बदलना है।

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