Samsung फिर बना नंबर वन, Vivo और Apple कहां टिके? सस्ते स्मार्टफोन की शिपमेंट में 47% गिरावट ने बढ़ाई चिंता
भारत के स्मार्टफोन बाजार से बजट फोन खरीदने वालों के लिए चिंताजनक खबर आई है। ₹20,000 से कम कीमत वाले फोन की शिपमेंट में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसी बीच Samsung ने नौ तिमाहियों बाद फिर पहला स्थान हासिल कर लिया है। आखिर सस्ते स्मार्टफोन की मांग क्यों घट रही है और क्या आने वाले महीनों में फोन खरीदना और महंगा पड़ेगा? जानिए।

In Short
- Samsung नौ तिमाहियों बाद 17% मार्केट शेयर के साथ भारत का नंबर वन स्मार्टफोन ब्रांड बना।
- ₹20,000 से सस्ते स्मार्टफोन की शिपमेंट 47% घटी, जबकि कुल बाजार में 20% गिरावट आई।
- मेमोरी चिप महंगी होने से फोन की कीमतें बढ़ीं, त्योहारी सीजन के बाद और बढ़ोतरी की आशंका।
भारत के स्मार्टफोन बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट पिछले 10 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके बावजूद Samsung ने नौ तिमाहियों के बाद दोबारा पहला स्थान हासिल कर लिया है। वहीं, ₹20,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की शिपमेंट में 47 फीसदी की भारी गिरावट आई है।
भारत में नया स्मार्टफोन खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों का असर अब कंपनियों से लेकर ग्राहकों तक दिखाई देने लगा है। लोग नए फोन खरीदने में ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं और कई ग्राहक अपने पुराने फोन को ही लंबे समय तक इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं।
रिसर्च फर्म Counterpoint Research की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 20 फीसदी घट गया।
Samsung ने कैसे हासिल किया पहला स्थान?
रिपोर्ट के मुताबिक, Samsung ने 17 फीसदी मार्केट शेयर के साथ भारतीय स्मार्टफोन बाजार में पहला स्थान हासिल किया है।
कंपनी नौ तिमाहियों के बाद फिर नंबर वन बनी है। इसकी सफलता के पीछे Galaxy A सीरीज की मजबूत मांग, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री नेटवर्क और कीमतों में सीमित बढ़ोतरी को प्रमुख वजह बताया गया है।
खास बात यह है कि शीर्ष पांच स्मार्टफोन ब्रांड्स में Samsung अकेली कंपनी रही, जिसकी शिपमेंट सालाना आधार पर बढ़ी।
किस कंपनी का कितना मार्केट शेयर?
|
स्मार्टफोन कंपनी |
मार्केट शेयर |
|---|---|
|
Samsung |
17% |
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Vivo (iQOO को छोड़कर) |
16% |
|
OPPO |
12% |
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Xiaomi |
8% |
|
Apple |
8% |
|
POCO |
4% |
इस तरह Samsung ने Vivo को मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया। वहीं, OPPO तीसरे स्थान पर रही।
₹20,000 से सस्ते फोन की मांग क्यों घटी?
रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता किफायती स्मार्टफोन सेगमेंट को लेकर सामने आई है। ₹20,000 से कम कीमत वाले फोन की शिपमेंट में सालाना आधार पर 47 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इसकी प्रमुख वजह मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतें हैं, जिनसे स्मार्टफोन बनाने की लागत बढ़ रही है। कई फोन की कीमतें बढ़ने के कारण वे अब ₹20,000 से ऊपर वाले सेगमेंट में पहुंच गए हैं। वहीं, कंपनियां लागत नियंत्रित करने के लिए कुछ बाजारों में 4G और कम स्पेसिफिकेशन वाले मॉडल पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।
क्या दिवाली के बाद फिर महंगे होंगे स्मार्टफोन?
Counterpoint Research का अनुमान है कि त्योहारी सीजन की बिक्री खत्म होने के बाद स्मार्टफोन की कीमतों में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
रिसर्च फर्म ने 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार की शिपमेंट करीब 13 फीसदी घटने का अनुमान जताया है। महंगे फोन की वजह से ग्राहक 2027 में भी नए स्मार्टफोन खरीदने का फैसला टाल सकते हैं।
नया फोन खरीदने वालों के लिए क्या मायने?
अगर आप ₹20,000 से कम बजट में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले समय में विकल्प सीमित हो सकते हैं।
ऐसे में एक्सचेंज ऑफर, रिटेलर डिस्काउंट और नो-कॉस्ट EMI जैसे विकल्प खरीदारी के दौरान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, ऑफर लेते समय कुल कीमत और शर्तें जरूर जांचनी चाहिए।
कुल मिलाकर, Samsung ने गिरते बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है, लेकिन स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतें पूरी इंडस्ट्री के लिए चुनौती बन रही हैं। खासकर कम बजट वाले ग्राहकों के लिए नया फोन खरीदना पहले से मुश्किल हो सकता है।
नोट: रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े स्मार्टफोन शिपमेंट यानी बाजार में भेजे गए फोन के हैं, इन्हें सीधे ग्राहकों को हुई खुदरा बिक्री के बराबर नहीं समझना चाहिए।

