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'कितना भी चीखें-चिल्लाएं, मैं करके रहूंगा'... मोबाइल कांग्रेस इवेंट में पीएम मोदी ने कसा तंज

पीएम मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में DBT को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे डिजिटल व्यवस्था से लाखों करोड़ रुपये की बचत हुई। इस दौरान पीएम ने मुफ्त की कमाई बंद होने वालों पर तंज भी कसा। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा और किससे पूछा सवाल? जानिए पूरा मामला।

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In Short

  • पीएम मोदी बोले- DBT से 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे।
  • जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हुई, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या? पीएम ने पूछा सवाल।
  • डिजिटल सेवाओं के साथ डीपफेक और साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर भी बोले पीएम मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में डिजिटल तकनीक और सरकारी योजनाओं को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि कैसे मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन गया है। इस दौरान पीएम मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए करीब 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं।

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DBT से कैसे बचे 5 लाख करोड़ रुपये?

पीएम मोदी ने कहा कि आज सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। DBT के जरिए अब तक 50 लाख करोड़ रुपये लोगों के खातों में भेजे गए हैं।

उन्होंने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था से करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। पीएम के मुताबिक, यह कोई छोटी रकम नहीं है। यह पैसा उन लोगों के हाथों में जाने से बचा है, जो पहले व्यवस्था की गड़बड़ियों का फायदा उठाते थे।

'जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हुई, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या?'

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सवालिया अंदाज में कहा, 'अब बताइए, जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो गई है, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या?'

उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने सही काम किया या नहीं? क्या इस तरह की गड़बड़ियों को बंद होना चाहिए या नहीं?

पीएम मोदी ने कहा कि चाहे कोई कितना भी विरोध करे या शोर मचाए, वह इस काम को जारी रखेंगे। उन्होंने साफ कहा कि वह इसे पूरा करके रहेंगे।

Image Credit : Aaj Tak

मोबाइल फोन से मिल रही सैकड़ों सरकारी सेवाएं

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 से 12 साल में मोबाइल फोन की भूमिका काफी बदल गई है। पहले मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से बातचीत के लिए होता था, लेकिन अब यह सुशासन का बड़ा माध्यम बन चुका है।

आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध हैं। लोगों को कई सरकारी कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। सरकारी सहायता भी मोबाइल से जुड़े बैंक खातों के जरिए सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है।

डीपफेक और साइबर फ्रॉड पर जताई चिंता

पीएम मोदी ने डिजिटल दुनिया की चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने डेटा सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी और डीपफेक जैसी तकनीकों से पैदा होने वाले खतरों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर मजबूत व्यवस्था और देशों के बीच सहयोग जरूरी है।

भारत में 50 करोड़ से ज्यादा गेमर्स

प्रधानमंत्री ने भारत के गेमिंग इकोसिस्टम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश में 50 करोड़ से ज्यादा लोग गेमिंग इकोसिस्टम का हिस्सा हैं। इसमें छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं की भी बड़ी भूमिका है।

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इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ देश-विदेश के कई उद्योगपति और टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।