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OpenAI के ऑफिस में जासूसी की साजिश, AI ने ही पकड़वा दिया कंपनी का इंजीनियर, FBI ने किया गिरफ्तार

जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर एक इंजीनियर काम कर रहा था, उसी तकनीक ने कथित तौर पर उसकी जासूसी की कोशिश का पर्दाफाश कर दिया। अमेरिका की दिग्गज AI कंपनी OpenAI के मीटिंग रूम में छिपा रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने से हड़कंप मच गया। कंपनी ने AI की मदद से मामले की जांच की और FBI ने सऊदी इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया।

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OpenAI के एक सऊदी कर्मचारी पर कंपनी की जासूसी के लिए रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने का आरोप है। (फोटो: अमेरिकी न्याय विभाग)
OpenAI के एक सऊदी कर्मचारी पर कंपनी की जासूसी के लिए रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने का आरोप है। (फोटो: अमेरिकी न्याय विभाग)

In Short

  • OpenAI के मीटिंग रूम में छिपाया गया रिकॉर्डिंग डिवाइस, जासूसी की कोशिश का आरोप।
  • कंपनी ने अपने AI मॉडल की मदद से डिवाइस की जांच कर आरोपी की पहचान की।
  • FBI ने सऊदी इंजीनियर को गिरफ्तार किया, दोषी पाए जाने पर पांच साल की जेल संभव।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI के ऑफिस में जासूसी की कोशिश का मामला सामने आया है। अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने कंपनी के पूर्व इंजीनियर अब्दुलरहमान अलफोजान को गिरफ्तार किया है। उन पर कंपनी के मीटिंग रूम में चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने का आरोप है। खास बात यह है कि OpenAI ने अपने AI मॉडल की मदद से इस डिवाइस के बारे में जानकारी जुटाई और आरोपी की पहचान की।

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35 साल के अब्दुलरहमान अलफोजान सऊदी अरब के नागरिक हैं और अमेरिका में स्थायी रूप से रहते हैं। उन्होंने जुलाई 2025 में OpenAI जॉइन की थी। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उनका मकसद कंपनी की AI तकनीक से जुड़ी गोपनीय बातचीत को रिकॉर्ड करना था। FBI ने उन्हें 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।

OpenAI के कर्मचारियों को 30 सितंबर को सुरक्षा जांच के दौरान एक छोटा रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला था। यह डिवाइस टॉयलेट पेपर में छिपाकर कॉन्फ्रेंस रूम में लगे टीवी के पीछे USB पोर्ट में लगाया गया था। इसमें माइक्रोफोन, कैमरा सेंसर और मेमोरी कार्ड मौजूद थे।

कंपनी के मुताबिक, उसने अपने AI मॉडल की मदद से डिवाइस की जांच की और पता लगाया कि इसे कुछ दिन पहले किस कर्मचारी ने लगाया था। इसके बाद FBI को सूचना दी गई। जांच में सामने आया कि डिवाइस करीब 28 सितंबर को लगाया गया था। हालांकि, इसमें मौजूद डेटा एन्क्रिप्टेड यानी पासवर्ड जैसी तकनीक से सुरक्षित था, इसलिए उसे पढ़ा नहीं जा सका।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि अलफोजान ने डिवाइस तैयार करने, छिपाने और दूर से इस्तेमाल करने की जानकारी हासिल करने के लिए AI चैटबॉट का भी इस्तेमाल किया था। उन्होंने कंपनी के मीटिंग रूम, अधिकारियों और उनकी बैठकों की जानकारी भी जुटाई थी।

Alfozan OpenAI

5 अक्टूबर को CCTV फुटेज में अलफोजान कथित तौर पर उसी कमरे में टीवी के पीछे देखते नजर आए। उसी दिन उनके एक बैग से दूसरा रिकॉर्डिंग डिवाइस भी बरामद हुआ।

OpenAI का कहना है कि फिलहाल कंपनी के महत्वपूर्ण डेटा, AI मॉडल के कोड या ग्राहकों की जानकारी चोरी होने का कोई सबूत नहीं मिला है। कंपनी ने अलफोजान का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया है।

अगर आरोप साबित होते हैं, तो अलफोजान को पांच साल तक की जेल और करीब 2.37 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है।