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Nothing से अलग होकर भारतीय कंपनी बनेगी CMF! कार्ल पेई ने बताया भारत में कैसे बदलेगी कंपनी की पूरी रणनीति

Nothing की CMF को लेकर कंपनी के CEO कार्ल पेई ने बड़ा ऐलान किया है। अब यह ब्रांड एक अलग भारतीय कंपनी के तौर पर काम करेगा। इस बदलाव के पीछे कंपनी की एक बड़ी रणनीति है। आखिर भारत में CMF की क्या भूमिका होगी और ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा? जानिए।

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In Short

  • Nothing से अलग होकर CMF एक स्वतंत्र भारतीय कंपनी के तौर पर काम करेगी।
  • CMF में भारतीय हिस्सेदारी सबसे ज्यादा होगी और कंपनी का हेडक्वार्टर भारत में होगा।
  • कार्ल पेई ने हर साल 10 करोड़ स्मार्टफोन तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

स्मार्टफोन कंपनी Nothing का सब-ब्रांड CMF अब एक अलग भारतीय कंपनी बनने जा रहा है। Nothing के को-फाउंडर और CEO कार्ल पेई (Carl Pei) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि CMF में भारतीय हिस्सेदारी सबसे ज्यादा होगी और कंपनी का हेडक्वार्टर भी भारत में होगा। हालांकि, Nothing पूरी तरह CMF से अलग नहीं होगी, बल्कि कंपनी में उसकी हिस्सेदारी बनी रहेगी।

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CMF में अब क्या बदलने वाला है?

कार्ल पेई के मुताबिक, CMF अब Nothing की सब्सिडियरी नहीं रहेगी, बल्कि एक स्वतंत्र भारतीय कंपनी के तौर पर काम करेगी। इसका अपना भारतीय मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़ा काम होगा।

Nothing कंपनी में शेयरहोल्डर और पार्टनर के तौर पर जुड़ी रहेगी। हालांकि, ग्राहकों के लिए प्रोडक्ट के स्तर पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनी के कामकाज और मालिकाना हक में बड़े बदलाव किए जाएंगे।

भारत में मैन्युफैक्चरिंग नहीं बल्कि R&D पर जोर

कार्ल पेई ने साफ किया है कि CMF का मकसद भारत में स्मार्टफोन की असेंबलिंग या मैन्युफैक्चरिंग करना नहीं है। कंपनी भारत में प्रोडक्ट डिजाइन, इंजीनियरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ज्यादा ध्यान देगी।

इसके तहत भारत में नए प्रोडक्ट तैयार और डेवलप किए जाएंगे, जिन्हें बाद में दुनिया के अलग-अलग बाजारों में बेचा जाएगा।

पेई का कहना है कि भारत में बिकने वाले करीब 99 फीसदी स्मार्टफोन अब देश में ही बनाए जाते हैं, लेकिन ज्यादातर स्मार्टफोन की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) से जुड़ा काम अभी भी भारत के बाहर होता है।

उनके मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग पहला कदम था और अब दूसरा कदम R&D को मजबूत करना है।

हर साल 10 करोड़ स्मार्टफोन का लक्ष्य

कार्ल पेई भारत को आधार बनाकर एक ग्लोबल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी तैयार करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में हर साल 10 करोड़ स्मार्टफोन तक पहुंचना है।

पेई के मुताबिक, सालाना 10 करोड़ स्मार्टफोन का आंकड़ा किसी कंपनी को सिर्फ एक ब्रांड से आगे बढ़ाकर एक बड़े प्लेटफॉर्म के तौर पर स्थापित कर सकता है।

उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया और चीन का उदाहरण देते हुए बताया कि इन देशों ने पहले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया और बाद में अपने ग्लोबल टेक्नोलॉजी ब्रांड तैयार किए।

Nothing और CMF का आगे क्या होगा?

Nothing और CMF के पास पहले से ही इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डिजाइन और टेक्नोलॉजी का अनुभव है। अब दोनों कंपनियां भारत में इन क्षमताओं को और बढ़ाना चाहती हैं।

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पेई के मुताबिक, CMF को भारतीय कंपनी बनाने का मतलब है कि उसका मालिकाना हक, संचालन और इंजीनियरिंग का काम भारत में हो। Nothing इसमें एक पार्टनर के तौर पर जुड़ी रहेगी।