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रोज टोल से गुजरने वालों को बड़ी राहत, आसपास रहने वालों के लिए NHAI ने शुरू की नई डिजिटल सुविधा

टोल प्लाजा के पास रहने वालों के लिए NHAI ने ऐसा डिजिटल सिस्टम शुरू किया है, जिससे पास बनवाने और हाईवे से जुड़ी शिकायतों का तरीका बदल जाएगा। अब कई काम मोबाइल से ही पूरे हो सकेंगे, लेकिन यह सुविधा कैसे मिलेगी और किन लोगों को फायदा होगा? जानिए पूरी डिटेल।

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In Short

  • टोल प्लाजा के 20 KM दायरे में रहने वाले लोग अब राजमार्गयात्रा ऐप से घर बैठे मंथली लोकल पास बनवा सकेंगे।
  • DigiLocker, VAHAN और GIS लोकेशन चेक के जरिए एड्रेस, गाड़ी और FASTag की डिटेल वेरिफाई होगी।
  • मार्गमित्र पर 22 भाषाओं में FASTag, रिफंड, पास और हाईवे से जुड़ी शिकायत दर्ज कर उसका स्टेटस ट्रैक किया जा सकेगा।

NHAI Local Pass:  नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए रोज का सफर कई बार आसान नहीं होता। बार-बार टोल से गुजरने वाले लोगों को पास बनवाने और उससे जुड़े काम पूरे करने में समय भी लगता है और टोल प्लाजा के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं।

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अब NHAI ने इस परेशानी को कम करने के लिए नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। तो घर बैठे मंथली लोकल पास कैसे बन सकेगा?

घर बैठे बन सकेगा मंथली लोकल पास

NHAI ने राजमार्गयात्रा ऐप में डिजिटल लोकल पास का नया फीचर जोड़ा है। इसके तहत किसी एलिजिबल टोल प्लाजा के 20 KM के दायरे में रहने वाले लोग मोबाइल ऐप से मंथली पास खरीद सकेंगे। इस पास से वे एक महीने तक अनलिमिटेड बार टोल प्लाजा से आ-जा सकेंगे।

पहले लोकल पास बनवाने के लिए लोगों को टोल प्लाजा जाना पड़ता था। वहां एड्रेस प्रूफ, गाड़ी के डॉक्यूमेंट और दूसरी जरूरी डिटेल देनी होती थी। अब यह पूरा काम घर बैठे मोबाइल फोन से किया जा सकेगा। लेकिन इस डिजिटल सुविधा की शुरुआत सबसे पहले किस टोल प्लाजा से की गई है?

दिल्ली के इस टोल प्लाजा से शुरुआत

डिजिटल लोकल पास की सुविधा सबसे पहले दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II पर बने मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर शुरू की गई है। NHAI का प्लान है कि आने वाले महीनों में इस फीचर को दूसरे एलिजिबल टोल प्लाजा पर भी शुरू किया जाए। लेकिन ऐप यह कैसे चेक करेगा कि कोई व्यक्ति टोल प्लाजा के 20 KM के दायरे में रहता है या नहीं?

DigiLocker और VAHAN से होगी जांच

लोकल पास बनवाते समय यूजर की परमिशन के बाद उसकी जरूरी डिटेल DigiLocker और VAHAN से ली जाएगी। इसमें वेरिफाइड एड्रेस, व्हीकल नंबर और गाड़ी से लिंक FASTag की जानकारी शामिल होगी।

यूजर टोल प्लाजा के 20 KM के दायरे में रहता है या नहीं, यह GIS-बेस्ड लोकेशन चेक से पता लगाया जाएगा। इससे पेपर डॉक्यूमेंट जमा करने और हाथ से वेरिफिकेशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन पास से जुड़ा कोई सवाल या दिक्कत हो तो यूजर को मदद कहां मिलेगी?

22 भाषाओं में मदद देगा मार्गमित्र

NHAI ने राजमार्गयात्रा ऐप में मार्गमित्र हेल्प सेंटर भी जोड़ा है। यह AI-असिस्टेड प्लेटफॉर्म है, जहां यूजर भारत की 22 शेड्यूल्ड भाषाओं में अपनी बात टाइप करके या बोलकर सवाल पूछ सकता है।

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यहां FASTag रिचार्ज, KYC, रिफंड स्टेटस, एनुअल पास, लोकल पास और हाईवे से जुड़ी दूसरी जानकारी मिल सकेगी। लेकिन किसी परेशानी का जवाब न मिले तो शिकायत कैसे दर्ज होगी और उस पर क्या एक्शन लिया जाएगा?

शिकायत दर्ज करने से अपील तक की सुविधा

अगर किसी परेशानी पर एक्शन लेने की जरूरत है, तो यूजर मार्गमित्र के जरिए ऐप में ही शिकायत दर्ज कर सकेगा। शिकायत अपने आप उस डिपार्टमेंट के पास पहुंच जाएगी, जो उस मामले को देखता है। यूजर रियल टाइम में शिकायत का स्टेटस भी चेक कर सकेगा। जवाब ठीक न लगे तो वह ऐप से अपील भी कर सकेगा।

मार्गमित्र के जरिए FASTag ब्लैकलिस्टिंग स्टेटस और पेंडिंग ई-नोटिस भी चेक किए जा सकेंगे। इसके अलावा हाईवे पर खराब गाड़ी खड़ी होने, रास्ता घेरने या दूसरी रोड से जुड़ी परेशानी की जानकारी भी ऐप पर दी जा सकेगी।