250 साल बाद खुलेगा iPhone 17 Pro Max, अमेरिका ने टाइम कैप्सूल में रखा ऐपल का फोन
सोचिए, जिस फोन को लोग कुछ साल में बदल देते हैं, उसे 250 साल के लिए एक खास कैप्सूल में बंद किया जा रहा है। यह फोन आने वाले समय के लोगों को आज की टेक्नोलॉजी की झलक दिखाएगा। लेकिन सवाल यही है कि आखिर इस iPhone को इतने लंबे समय के लिए क्यों रखा जा रहा है?

In Short
- अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर एक खास टाइम कैप्सूल तैयार किया गया है, जिसमें iPhone 17 Pro Max रखा गया है। यह कैप्सूल साल 2276 में खोला जाएगा।
- यह टाइम कैप्सूल करीब 900 पाउंड यानी लगभग 408 किलो का स्टेनलेस स्टील कंटेनर है। इसका मकसद आने वाली पीढ़ियों को आज के दौर की टेक्नोलॉजी, संस्कृति और लाइफस्टाइल दिखाना है।
- iPhone 17 Pro Max को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह आज की मॉडर्न टेक्नोलॉजी को दिखाता है। हालांकि 250 साल बाद यह फोन चालू होगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है। इसलिए उस समय इसे पुराने दौर की टेक चीज माना जाएगा।
iPhone 17 Pro Max: आज के दौर में मोबाइल फोन कुछ साल बाद पुराने लगते हैं और लोग नया मॉडल खरीद लेते हैं। लेकिन अमेरिका में एक आईफोन को आम फोन की तरह इस्तेमाल करने के बजाय एक खास याद के तौर पर संभालकर रखा जा रहा है। मकसद है कि बहुत लंबे समय बाद लोग देख सकें कि आज के दौर की टेक्नोलॉजी कैसी थी। अब सवाल है कि यह टाइम कैप्सूल कब खुलेगा?
टाइम कैप्सूल क्या होता है?
टाइम कैप्सूल एक खास कंटेनर होता है, जिसमें किसी दौर की जरूरी और खास चीजें रखी जाती हैं। इसे जमीन के अंदर या किसी सुरक्षित जगह पर लंबे समय के लिए बंद कर दिया जाता है। कई साल या कई सौ साल बाद इसे खोला जाता है।
जब यह खुलता है, तो आने वाली पीढ़ियों को पता चलता है कि उस समय लोग कैसे रहते थे, कौन सी चीजें इस्तेमाल करते थे और उनकी दुनिया कैसी थी। इस कैप्सूल में अमेरिका के इतिहास, संस्कृति और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कई चीजें रखी गई हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा iPhone 17 Pro Max की हो रही है। अब सवाल है कि यह टाइम कैप्सूल कब खुलेगा?
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2276 में खुलेगा यह टाइम कैप्सूल
अमेरिका अपनी आजादी के 250 साल पूरे होने पर एक खास टाइम कैप्सूल तैयार कर रहा है। इसी टाइम कैप्सूल में iPhone 17 Pro Max को भी रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे साल 2276 में खोला जाएगा, यानी करीब 250 साल बाद।
यह कोई आम डिब्बा नहीं है, बल्कि करीब 900 पाउंड यानी लगभग 408 किलो का स्टेनलेस स्टील कैप्सूल है। इसे ऐसे बनाया गया है कि अंदर रखी चीजें लंबे समय तक सही हालत में रहें। इसका मकसद है कि कई साल बाद लोग देख सकें कि आज के समय में लोग कैसी टेक्नोलॉजी और कौन-कौन सी चीजें इस्तेमाल करते थे। ऐसे में सवाल है कि इस फोन को ही क्यों चुना गया?
iPhone 17 Pro Max को क्यों रखा गया?
iPhone 17 Pro Max को इसलिए चुना गया क्योंकि यह आज की मॉडर्न टेक्नोलॉजी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। आज स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने के लिए नहीं रह गए हैं। बैंकिंग, फोटो, वीडियो, काम, हेल्थ ट्रैकिंग, एआई और एंटरटेनमेंट जैसे कई काम एक फोन से हो जाते हैं।
इसलिए आने वाले समय के लोगों के लिए यह समझना दिलचस्प होगा कि 2020 के दशक में इंसान अपनी डिजिटल जिंदगी कैसे जीता था। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 250 साल बाद यह iPhone चालू भी होगा?
क्या 250 साल बाद फोन चालू होगा?
इसका साफ जवाब अभी किसी के पास नहीं है। इतने लंबे समय तक बैटरी का चलना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है। अगर फोन बाहर से ठीक भी मिला, तो उसकी बैटरी खत्म हो चुकी होगी। हो सकता है उस समय आज जैसी चार्जिंग टेक्नोलॉजी भी मौजूद न हो।
इसलिए इसे चालू फोन से ज्यादा एक पुरानी टेक चीज के तौर पर देखा जाएगा। साल 2276 में जब यह कैप्सूल खुलेगा, तब शायद दुनिया की टेक्नोलॉजी काफी बदल चुकी होगी और स्मार्टफोन की जगह कोई नई चीज आ चुकी होगी। ऐसे में आज का iPhone 17 Pro Max उस समय के लोगों के लिए इतिहास का एक दिलचस्प हिस्सा बन सकता है।

