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फ्लाइट में दिखती है मुस्कान, लेकिन एयर होस्टेस की असली ड्यूटी बहुत पहले शुरू हो जाती है

फ्लाइट में मुस्कुराकर यात्रियों का स्वागत करने वाली एयर होस्टेस की ड्यूटी उतनी आसान नहीं होती जितनी दिखती है। उनकी तैयारी उड़ान से काफी पहले शुरू हो जाती है और जिम्मेदारी लैंडिंग के बाद भी खत्म नहीं होती। इस प्रोफेशन की असली कहानी काफी दिलचस्प है। आइए जानते हैं।

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In Short

  • एयर होस्टेस की ड्यूटी फ्लाइट से कई घंटे पहले शुरू हो जाती है। घर से यूनिफॉर्म, मेकअप और बैग की तैयारी के बाद एयरपोर्ट पर साइन-ऑन, दस्तावेज जांच और सेफ्टी ब्रीफिंग होती है।
  • एयर होस्टेस की ड्यूटी फ्लाइट से कई घंटे पहले शुरू हो जाती है। घर से ही उन्हें यूनिफॉर्म, मेकअप और बैग तैयार करना होता है। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उनके दस्तावेज चेक होते हैं और फ्लाइट से जुड़ी सेफ्टी जानकारी दी जाती है।
  • फ्लाइट के दौरान और उतरने के बाद भी एयर होस्टेस का काम जारी रहता है। अचानक कोई दिक्कत आने पर मदद करना, केबिन चेक करना और जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट बनाना भी उनकी ड्यूटी में शामिल होता है।

Air Hostess Duty: फ्लाइट में एयर होस्टेस को देखकर अक्सर लोगों को लगता है कि उनका काम सिर्फ मुस्कुराकर स्वागत करना और सफर के दौरान यात्रियों की मदद करना है। लेकिन असल कहानी इससे काफी अलग होती है। फ्लाइट में आने से पहले उन्हें कई तरह की तैयारी करनी पड़ती है, टीम के साथ प्लानिंग होती है और हर छोटी चीज पर ध्यान देना होता है। ऐसे में सवाल है कि फ्लाइट से पहले एयर होस्टेस क्या-क्या तैयारी करती हैं?

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फ्लाइट से पहले शुरू हो जाती है तैयारी

एमिरेट्स की केबिन क्रू अमांडा किंग ने अपने व्लॉग में बताया कि एयर होस्टेस की तैयारी घर से ही शुरू हो जाती है। उन्हें एयरलाइन के नियमों के हिसाब से यूनिफॉर्म, मेकअप और हेयरस्टाइल रखना होता है। बैग भी तय वजन के अंदर रखना पड़ता है।

एयरपोर्ट या एयरलाइन ऑफिस पहुंचने के बाद साइन-ऑन का काम पूरा किया जाता है। इसमें पासपोर्ट, क्रू लाइसेंस और जरूरी कागज चेक किए जाते हैं। कई बार उनसे फ्लाइट के जरूरी नियमों से जुड़े सवाल भी पूछे जाते हैं। सही जवाब न देने पर उन्हें ड्यूटी से हटाया भी जा सकता है। इसके बाद पूरी टीम की ब्रीफिंग होती है, जहां फ्लाइट और किसे क्या काम करना है, इसकी जानकारी दी जाती है। अब सवाल है कि लोगों के विमान में आने से पहले क्या-क्या चेक होता है?

यात्रियों के आने से पहले होती है जांच

बोर्डिंग शुरू होने से पहले केबिन क्रू पूरे विमान को ध्यान से देखता है। इसमें दरवाजे, जरूरत के समय काम आने वाला सामान, दवा वाला बॉक्स, क्रू की सीट, लाइफ जैकेट और बाकी जरूरी चीजें चेक की जाती हैं।

 

अगर कोई क्रू मेंबर गैली संभाल रहा होता है, तो उसे खाने-पीने के सामान की गिनती करनी होती है। यह देखा जाता है कि खास खाने की मांग समेत सभी लोगों के लिए खाना मौजूद है या नहीं। अमांडा के मुताबिक, कई बार क्रू को लंबे समय तक खाना नहीं मिल पाता, इसलिए वे अपना खाना साथ लेकर चलते हैं। लेकिन फ्लाइट उड़ने के बाद उनका काम कैसे बदल जाता है?

फ्लाइट में सिर्फ सर्विस नहीं होती

फ्लाइट के दौरान केबिन क्रू का काम सिर्फ खाना देना या मुस्कुराकर बात करना नहीं होता। अगर किसी की तबीयत खराब हो जाए, हवा में झटके लगें, धुआं दिखे या अचानक कोई दिक्कत आ जाए, तो सबसे पहले केबिन क्रू ही हालात संभालता है।

उन्हें ऐसी स्थिति में क्या करना है, इसकी खास ट्रेनिंग दी जाती है। लोगों को शांत रखना, सही बात समझाना और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद करना उनकी ड्यूटी का बड़ा हिस्सा होता है। लेकिन क्या फ्लाइट लैंड होते ही उनका काम खत्म हो जाता है?

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लैंडिंग के बाद भी जारी रहती है ड्यूटी

फ्लाइट उतरने से पहले केबिन क्रू सीट बेल्ट, ट्रे टेबल, ऊपर बने सामान रखने वाले बॉक्स और केबिन की बाकी चीजों को चेक करता है। लोगों के उतरने के बाद भी वे पूरा केबिन देखते हैं कि किसी का सामान छूटा तो नहीं या कहीं कोई चीज खराब तो नहीं हुई।

अगर फ्लाइट के दौरान कोई अलग बात हुई हो, तो उसकी रिपोर्ट भी बनानी पड़ती है। लंबी विदेशी उड़ानों में क्रू होटल जाता है, जहां आराम करने के साथ अगली फ्लाइट की तैयारी भी करनी होती है। इसलिए एयर होस्टेस की नौकरी सिर्फ चमक-दमक वाली नहीं, बल्कि मेहनत और जिम्मेदारी से भरा काम है।