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Phone Charging Tips: फास्ट चार्जर के बाद भी फोन स्लो? जानें सही चार्जिंग केबल चुनने का आसान तरीका

फास्ट चार्जर लगाने के बाद भी फोन धीरे चार्ज हो रहा है तो गलती चार्जर की नहीं, केबल की हो सकती है। देखने में एक जैसी लगने वाली USB-C केबल की पावर क्षमता अलग-अलग होती है। जानिए सही फास्ट चार्जिंग केबल कैसे पहचानें और खरीदते समय किन बातों की जांच जरूर करें।

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AI Generated Image

In Short

  • कम पावर वाली केबल फोन की चार्जिंग स्पीड को धीमा कर सकती है।
  • 60W से ज्यादा पावर वाली USB-C केबल खरीदते समय E-Marker चिप और Watt रेटिंग जरूर जांचनी चाहिए।
  • तेज चार्जिंग के लिए फोन, चार्जर और केबल तीनों का एक ही चार्जिंग तकनीक को सपोर्ट करना जरूरी है।

आजकल ज्यादातर नए स्मार्टफोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आते हैं। कुछ फोन 33W, कुछ 67W और कई डिवाइस 100W या इससे ज्यादा की चार्जिंग सपोर्ट करते हैं। इसके बावजूद कई बार फास्ट चार्जर लगाने पर भी फोन धीरे चार्ज होता है। ऐसी स्थिति में समस्या चार्जिंग ब्रिक की नहीं, बल्कि केबल की भी हो सकती है।

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सभी USB-C केबल एक जैसी नहीं होतीं

बाहर से देखने पर लगभग सभी USB-C केबल एक जैसी दिखाई देती हैं, लेकिन उनकी क्षमता अलग-अलग हो सकती है। USB-C केवल कनेक्टर का डिजाइन बताता है, केबल की चार्जिंग स्पीड नहीं। एक USB-C केबल केवल 15W चार्जिंग सपोर्ट कर सकती है, जबकि दूसरी केबल 100W तक पावर संभाल सकती है।

अगर फोन के साथ 67W या 100W का चार्जर मिला है और उसके साथ सस्ती या पुरानी केबल इस्तेमाल की जा रही है, तो फोन पूरी स्पीड से चार्ज नहीं होगा।

केबल पर Watt रेटिंग जरूर देखें

नई केबल खरीदते समय पैकेट पर उसकी पावर रेटिंग जरूर चेक करें। अच्छी USB-C केबल पर 60W, 100W या 240W लिखा होता है। केवल स्मार्टफोन चार्ज करने के लिए अच्छी क्वालिटी की 60W केबल ज्यादातर यूजर्स के लिए पर्याप्त हो सकती है।

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अगर फोन 80W, 100W या इससे ज्यादा चार्जिंग सपोर्ट करता है या उसी केबल से लैपटॉप और टैबलेट भी चार्ज करना है, तो 100W केबल खरीदना बेहतर रहेगा।

E-Marker चिप क्यों जरूरी है?

60W से ज्यादा पावर सपोर्ट करने वाली USB-C केबल में आम तौर पर E-Marker नाम की छोटी चिप होती है। यह चिप फोन और चार्जर को बताती है कि केबल कितनी पावर सुरक्षित तरीके से संभाल सकती है।

E-Marker नहीं होने पर कई डिवाइस सुरक्षा के लिए चार्जिंग स्पीड अपने आप कम कर देते हैं। इसलिए 100W चार्जर होने के बाद भी फोन पूरी स्पीड से चार्ज नहीं हो पाता।

चार्जिंग तकनीक का मेल होना जरूरी

सिर्फ 100W केबल खरीद लेने से हर फोन 100W पर चार्ज नहीं होगा। फोन, चार्जर और केबल तीनों का एक जैसी चार्जिंग तकनीक सपोर्ट करना जरूरी है।

कई डिवाइस USB Power Delivery यानी PD का इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ कंपनियां SuperVOOC, HyperCharge या TurboPower जैसी अपनी तकनीक देती हैं। तीनों का सही मेल नहीं होने पर चार्जिंग स्पीड कम हो सकती है।

बहुत लंबी और सस्ती केबल से बचें

दो या तीन मीटर लंबी केबल इस्तेमाल करने में आसान होती है, लेकिन उसमें बिजली का नुकसान ज्यादा हो सकता है। अच्छी कंपनियां बेहतर वायर इस्तेमाल करके इसे संभालती हैं, जबकि सस्ती लंबी केबल फोन की चार्जिंग स्पीड कम कर सकती है।

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पुरानी केबल की जांच कैसे करें?

अगर फोन पहले 30 से 40 मिनट में काफी चार्ज हो जाता था और अब ज्यादा समय ले रहा है, तो दूसरी अच्छी केबल लगाकर देखें। अगर चार्जिंग स्पीड बढ़ जाती है, तो समस्या पुरानी केबल में थी।

केबल खरीदते समय केवल “फास्ट चार्जिंग” लिखे होने पर भरोसा न करें। Watt रेटिंग, E-Marker, चार्जिंग तकनीक और क्वालिटी जरूर चेक करें। कई बार केवल सही केबल बदलने से फोन पहले के मुकाबले काफी तेजी से चार्ज होने लगता है।