रियल टाइम में आपकी आवाज को Text में बदल देगा गूगल का ये नया AI ऐप! बिना इंटरनेट के भी करता है काम
Google ने iPhone यूजर्स के लिए नया AI ऐप लॉन्च किया है, जो बिना इंटरनेट आवाज को टेक्स्ट में बदल सकता है। यह बोलने की गलतियों और ठहराव को हटाकर साफ टेक्स्ट देता है। ऐप में प्राइवेसी के लिए ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग और Gemini AI से टेक्स्ट सुधारने का विकल्प भी मिलता है।

Google AI Edge Eloquent app: गूगल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक और बड़ा धमाका किया है। कंपनी ने आईओएस (iOS) यूजर्स के लिए 'Google AI Edge Eloquent' नाम का एक नया ऐप लॉन्च किया है, जो आपकी आवाज को पलक झपकते ही लिखित शब्दों में बदल देगा।
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना इंटरनेट यानी ऑफलाइन भी काम कर सकता है। गूगल के 'Gemma' एआई मॉडल पर आधारित यह ऐप न केवल आपकी बातों को सटीकता से पहचानता है, बल्कि बोलते समय आने वाले ठहराव (Pauses) को भी अपने आप हटा देता है ताकि आपको बिल्कुल साफ-सुथरा टेक्स्ट मिले।
यह ऐप सिर्फ डिक्टेशन तक सीमित नहीं है। गूगल ने इसमें ऐसे फीचर्स दिए हैं जो आपकी बातचीत को जरूरत के हिसाब से छोटे पॉइंट्स, फॉर्मल ड्राफ्ट या लंबी रिपोर्ट में भी बदल सकते हैं। ऐप स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, 'इलोक्यूमेंट' को इस तरह बनाया गया है कि यह बोलचाल की भाषा और पेशेवर लेखन के बीच की दूरी को खत्म कर सके। यह बोलते समय होने वाली गलतियों और फालतू शब्दों को खुद ही ठीक कर देता है, जिससे आपको सीधे इस्तेमाल के लायक टेक्स्ट मिलता है।
प्राइवेसी का पूरा ध्यान?
इसे डाउनलोड करने के बाद यूजर्स को एक खास मॉडल इंस्टॉल करना होगा, जिसके बाद पूरी प्रोसेसिंग आपके फोन पर ही होगी। प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए गूगल ने इसमें 'क्लाउड मोड' को बंद करने का विकल्प दिया है।
अगर आप क्लाउड मोड बंद रखते हैं, तो आपकी बातें फोन से बाहर नहीं जाएंगी। हालांकि, क्लाउड मोड चालू करने पर यह 'Gemini' एआई की मदद से टेक्स्ट को और बेहतर बना देता है। दिलचस्प बात यह है कि यह ऐप आपके जीमेल से नाम और खास शब्द सीख लेता है ताकि टाइपिंग में कोई गलती न हो।
फिलहाल सिर्फ iPhone यूजर्स को फायदा
फिलहाल यह ऐप केवल आईफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसका एंड्रॉइड वर्जन भी आएगा। इसमें एक 'फ्लोटिंग बटन' भी दिया गया है, जिससे आप किसी भी दूसरे ऐप पर काम करते हुए इसे तुरंत शुरू कर सकते हैं।
बाजार में इसे 'Wispr Flow' और 'SuperWhisper' जैसे ऐप्स के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। गूगल का यह कदम उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है जो दफ्तर के काम या नोट्स बनाने के लिए टाइपिंग के बजाय बोलकर काम करना पसंद करते हैं।

