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WiFi Router से हो रही जासूसी! खतरे में आपकी डिजिटल लाइफ, तुरंत करें ये 5 जरूरी काम वरना होगा बड़ा नुकसान

घर का वाईफाई राउटर बड़ा साइबर खतरा बन सकता है अगर उसकी सुरक्षा सही न हो। कमजोर पासवर्ड और पुराने सॉफ्टवेयर से हैकर्स आसानी से डेटा चुरा सकते हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पासवर्ड बदलें, राउटर अपडेट रखें और नेटवर्क पर जुड़े डिवाइसेज को नियमित जांचते रहें।

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AI Generated Image

भारत सरकार ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए चीनी CCTV कैमरों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने अब कैमरों के लिए STQC सर्टिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है, जिसका सबसे बड़ा असर हिकविजन (Hikvision) और दाहुआ (Dahua) जैसी दिग्गज चीनी कंपनियों पर पड़ा है।

लेकिन जानकारों का मानना है कि कैमरों से भी बड़ा एक खतरा हमारे घरों में चुपचाप बैठा है, जिस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा और वो है आपका 'WiFi Router'।

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डिजिटल जासूसी का 'खुला दरवाजा'

आज लगभग हर घर में इंटरनेट के लिए राउटर लगा है। यह सिर्फ वाईफाई नहीं देता, बल्कि आपके फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और बैंकिंग ऐप्स के लिए एक गेटवे का काम करता है।

साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट डॉ. मेहता का कहना है कि अगर राउटर सुरक्षित नहीं है, तो आपका पूरा डिजिटल ईकोसिस्टम एक खुले दरवाजे की तरह है। अमेरिका ने तो हाल ही में चीनी नेटवर्क डिवाइसेज और राउटर्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है क्योंकि ये डिवाइस डेटा चोरी और जासूसी का जरिया बन रहे हैं।

भारत में सस्ते चीनी राउटर्स की भरमार

भारत में एक बड़ी समस्या यह है कि लोग अक्सर बजट के चक्कर में सस्ते चीनी राउटर खरीद लेते हैं। इन डिवाइसेज में सुरक्षा अपडेट समय पर नहीं मिलते और इनके सॉफ्टवेयर (फर्मवेयर) में कई कमियां होती हैं।

'वोल्ट टाइफून' जैसे साइबर ऑपरेशंस ने साबित कर दिया है कि हैकर्स अब सीमाओं के बजाय नेटवर्क पर युद्ध लड़ रहे हैं। भारत में लोग राउटर की सेटिंग्स या आईपी एड्रेस जैसी तकनीकी चीजों को नहीं समझते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

आपकी 'डिजिटल चाबी' किसी और के पास

अक्सर देखा जाता है कि इंटरनेट लगाने वाला टेक्नीशियन राउटर का पासवर्ड और यूजरनेम 'डिफॉल्ट' (जैसे admin/admin) ही छोड़ देता है। इसका मतलब है कि आपके इंटरनेट की चाबी किसी तीसरे व्यक्ति के पास भी हो सकती है।

अगर हैकर को राउटर का एक्सेस मिल जाए, तो वह न केवल आपका डेटा देख सकता है, बल्कि आपके नेटवर्क को 'बॉटनेट' का हिस्सा बनाकर बड़े साइबर हमलों में इस्तेमाल कर सकता है। साल 2016 में 'मिराई बॉटनेट' हमले ने दुनिया भर के लाखों राउटर्स को हैक कर इंटरनेट ठप कर दिया था।

क्या है बचाव का रास्ता?

सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है कि यूजर अपना डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें। साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अपने राउटर का नाम यानी SSID हाइड (Hide) कर दें, ताकि वह किसी को दिखाई न दे।

साथ ही, समय-समय पर यह चेक करते रहें कि आपके वाईफाई से कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हैं।  अगर राउटर हैक होता है, तो हैकर आपको फर्जी वेबसाइट्स पर भेजकर बैंकिंग फ्रॉड कर सकता है।

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