‘No More AI’... एलन मस्क बदलेंगे SpaceXAI का नाम? ट्रंप के इस फैसले के बाद दिया संकेत
Elon Musk अपनी कंपनी की AI यूनिट SpaceXAI का नाम बदलकर SpaceXSI कर सकते हैं। Musk ने X पर “No More AI” लिखकर इस बदलाव का संकेत दिया है। यह चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के Artificial Intelligence की जगह Super Intelligence शब्द इस्तेमाल करने के कदम के बाद शुरू हुई है। जानिए Musk ने नाम बदलने पर क्या कहा।

In Short
- Elon Musk ने SpaceXAI का नाम SpaceXSI करने का संकेत दिया।
- Musk ने X पर लिखा कि अब AI नहीं और SI बेहतर है।
- - Trump ने AI की जगह Super Intelligence शब्द इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
Elon Musk अपनी कंपनी की AI यूनिट SpaceXAI का नाम बदलकर SpaceXSI करने की तैयारी कर सकते हैं। यह संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस कदम के बाद आया है, जिसमें उन्होंने “Artificial Intelligence” यानी AI की जगह “Super Intelligence” यानी SI शब्द इस्तेमाल करने पर जोर दिया है।
Musk ने 4 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “No more AI.” इसके साथ उन्होंने कहा कि SI बेहतर है।
एक X यूजर के सवाल का जवाब देते हुए Musk ने कहा, “Yes, we will make that change.” इससे संकेत मिलता है कि कंपनी जल्द अपनी AI यूनिट का नाम बदल सकती है। एक अन्य पोस्ट में Musk ने SpaceX को “Super Intelligence company” भी बताया।
Elon Musk क्यों बदल सकते हैं नाम?
पिछले हफ्ते Donald Trump ने एक executive order पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें अमेरिकी federal departments और agencies को आधिकारिक बातचीत और दस्तावेजों में “Artificial Intelligence” यानी AI की जगह “Super Intelligence” यानी SI शब्द इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया।
Trump का मानना है कि आज के AI सिस्टम सिर्फ इंसानी बुद्धिमत्ता से जुड़े कुछ कामों को ऑटोमेट करने तक सीमित नहीं हैं। उनके मुताबिक यह टेक्नोलॉजी उस स्तर से आगे निकल चुकी है, जिसके लिए पहले “Artificial Intelligence” शब्द का इस्तेमाल किया गया था।
Trump ने कहा कि अब अमेरिकी दस्तावेजों में “Artificial” की जगह ज्यादा सही शब्द “Super” का इस्तेमाल किया जाएगा और इसे “Super Intelligence” कहा जाएगा।
इस बदलाव के बाद SpaceX AI या OpenAI जैसी कंपनियों के नामों में भी बदलाव को लेकर चर्चा शुरू हो सकती है।
क्या है Trump का SI Push?
AI के लिए नया नाम इस्तेमाल करने के साथ Trump ने 4 अक्टूबर को “Super Intelligence Force” बनाने का भी ऐलान किया।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कई टेक कंपनियां और इंडस्ट्री लीडर्स तेजी से आगे बढ़ती टेक्नोलॉजी के लिए सख्त सुरक्षा नियमों की बात कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक यह टास्क फोर्स अमेरिकी federal government के साथ मिलकर काम करेगी ताकि अमेरिका एडवांस “Super Intelligence” टेक्नोलॉजी में दुनिया में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रख सके।
यह ग्रुप consumers, public interest organisations, religious organisations, infrastructure providers और industry leaders समेत अलग-अलग समूहों के साथ भी काम करेगा।
Trump ने Director of National Intelligence Jay Clayton को इस टास्क फोर्स का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी है।

