साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! 25 साल का आरोपी 1090 मामलों से जुड़ा, जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। असम से गिरफ्तार 25 साल के आरोपी पर 1090 मामलों में शामिल होने का आरोप है। आरोपी ठगी की रकम को तेजी से अलग-अलग बैंक खातों में भेजता था और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश ट्रांसफर करता था।

In Short
- गुजरात पुलिस ने असम से रफीकुल आलम को गिरफ्तार किया, 1090 साइबर क्राइम मामलों से कनेक्शन सामने आया
- आरोपी ठगी की रकम को छोटे हिस्सों में बांटकर 1 घंटे के अंदर 1754 बैंक खातों में ट्रांसफर करता था
- पुलिस को आरोपी के फोन से 23 क्रिप्टो वॉलेट मिले, जिनमें करीब 16 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था
Cyber Fraud: साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें गुजरात पुलिस ने असम से 25 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह आरोपी देशभर में हुए 1,090 साइबर क्राइम मामलों से जुड़ा था और 1,071.5 करोड़ रुपये के गैर कानूनी लेनदेन से उसका कनेक्शन सामने आया है। जांच में पता चला है कि आरोपी ठगी की रकम को तेजी से अलग-अलग खातों में भेजता था और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीन ट्रांसफर करता था।
असम से हुई आरोपी की गिरफ्तारी
गुजरात पुलिस की CID क्राइम सेल ने आरोपी की पहचान रफीकुल आलम के रूप में की है। उसे असम के बारपेटा जिले से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी चीन में बैठे साइबर अपराधियों के संपर्क में था और उनके साथ वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए जानकारी साझा करता था।
फर्जी लेटर से लोगों को बनाता था निशाना
जांच के अनुसार, आरोपी महाराष्ट्र पुलिस और सुप्रीम कोर्ट के फर्जी लेटर का इस्तेमाल कर लोगों को डराता था। इसके जरिए लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया जाता था। गांधीनगर स्थित साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बताया कि आरोपी एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह से जुड़ा हुआ था।
1 घंटे में 1754 खातों में पहुंचा देता था रकम
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से मिली रकम को आरोपी एक जगह नहीं रखता था। वह पैसे को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर सिर्फ एक घंटे के अंदर 1,754 बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जाता था।
क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीन भेजता था पैसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी डिजिटल अरेस्ट और दूसरे साइबर फ्रॉड से मिली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में भेजने के बाद क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था। इसके बाद यह रकम चीन ट्रांसफर की जाती थी।
फोन से मिले 23 क्रिप्टो वॉलेट
गुजरात पुलिस ने बताया कि आरोपी के फोन से 23 क्रिप्टो वॉलेट मिले हैं। इन वॉलेट में करीब 16 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। इसके अलावा पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी देशभर के 1,090 साइबर ठगी मामलों से जुड़ा था।
तीन दिन तक निगरानी के बाद हुई कार्रवाई
साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टीम ने आरोपी के घर की करीब तीन दिनों तक गुप्त निगरानी की। इसके बाद तकनीकी जांच के आधार पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान एक डिजिटल अरेस्ट मामले में देशभर के 10 साइबर ठगी मामलों को समय रहते रोकने में भी सफलता मिली।

