इंजन ऑयल की बोतल पर लिखे 10W-30 का क्या मतलब होता है? जानिए बाइक के लिए सही ऑयल चुनने का तरीका
बाइक के इंजन ऑयल की बोतल पर लिखा 10W-30 जैसा कोड सिर्फ नंबर नहीं होता, बल्कि यह बताता है कि ऑयल ठंडे और गर्म तापमान में कैसे काम करेगा। सही विस्कोसिटी और स्पेसिफिकेशन चुनना इंजन की परफॉर्मेंस, माइलेज और लंबी लाइफ के लिए बेहद जरूरी है।

बाइक की माइलेज कम होने पर ज्यादातर लोग पेट्रोल की क्वालिटी, टायर प्रेशर या राइडिंग स्टाइल को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन इंजन के अंदर लगातार काम करने वाला इंजन ऑयल भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। गलत इंजन ऑयल का इस्तेमाल इंजन में घर्षण बढ़ा सकता है, जिससे परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी पर असर पड़ सकता है। इसलिए ऑयल की बोतल पर लिखे छोटे से कोड को समझना जरूरी है, क्योंकि यही कोड बताता है कि ऑयल अलग-अलग तापमान पर कैसे काम करेगा। इसी कोड को समझने से सही ऑयल चुनने में मदद मिल सकती है।

10W-30, 10W-40 और 15W-50 जैसे नंबर कोई साधारण कोड नहीं होते, बल्कि इंजन ऑयल की विस्कोसिटी यानी गाढ़ेपन को बताते हैं। यह जानकारी देती है कि ऑयल ठंडे और गर्म तापमान में इंजन के अंदर किस तरह फ्लो करेगा। एक ही शेल्फ पर रखी दो ऑयल बोतलें देखने में एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन उनके नंबर बताते हैं कि दोनों का काम करने का तरीका अलग हो सकता है।

10W-30 में लिखा “W” विंटर यानी सर्दी को दर्शाता है। इसके पहले वाला नंबर बताता है कि ठंडे तापमान में ऑयल कितना आसानी से फ्लो कर पाएगा। कम विंटर ग्रेड वाला ऑयल ठंडे मौसम में जल्दी बहने में मदद करता है। खासकर जब बाइक लंबे समय तक खड़ी रहने के बाद स्टार्ट की जाती है, तब यह नंबर इंजन तक ऑयल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।

10W-30 में मौजूद “30” इंजन के गर्म होने के बाद ऑयल की विस्कोसिटी को दिखाता है। अगर यही नंबर 40 या 50 हो जाए तो गर्म तापमान पर ऑयल ज्यादा गाढ़ा ग्रेड माना जाता है। हालांकि ज्यादा गाढ़ा ऑयल हर बाइक के लिए बेहतर नहीं होता, क्योंकि इंजन को जिस ग्रेड के लिए डिजाइन किया गया है, उसी हिसाब से ऑयल का चुनाव करना जरूरी होता है।

कई बार लोग सिर्फ बड़े ब्रांड के नाम देखकर इंजन ऑयल खरीद लेते हैं, लेकिन यह तरीका सही नहीं है। बाइक बनाने वाली कंपनी की ओर से बताई गई विस्कोसिटी और एपीआई या जेएएसओ स्पेसिफिकेशन ज्यादा जरूरी होते हैं। सिर्फ यह सोचकर 15W-50 या 20W-40 जैसे ज्यादा गाढ़े ऑयल का चुनाव करना कि यह ज्यादा मजबूत होगा, इंजन की जरूरतों को नजरअंदाज करना हो सकता है।

पुरानी बाइक हो, गर्मी का मौसम हो या लंबी हाईवे राइड करनी हो, इसका मतलब यह नहीं कि अपनी मर्जी से ज्यादा गाढ़ा इंजन ऑयल डाल दिया जाए। सही तरीका यही है कि बाइक की ओनर मैनुअल में दिए गए विस्कोसिटी ग्रेड और एपीआई या जेएएसओ स्पेसिफिकेशन के अनुसार ही ऑयल चुना जाए। साथ ही कंपनी के बताए समय पर ऑयल बदलना भी इंजन की लंबी लाइफ के लिए जरूरी है।
