Yes Bank Share में 10 प्रतिशत का उछाल, इसके बावजूद मिली बेचने की सलाह!
YES Bank Ltd के शेयरों में सोमवार को 10 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसका कारण बैंक की अर्निंग ग्रोथ (YoY) में 2.5 गुना की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जो प्रोवजनिंग में 40 प्रतिशत की कमी और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 20 प्रतिशत की YoY बढ़ोतरी के चलते हुई है।

YES Bank Ltd के शेयरों में सोमवार को 10 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसका कारण बैंक की अर्निंग ग्रोथ (YoY) में 2.5 गुना की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जो प्रोवजनिंग में 40 प्रतिशत की कमी और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 20 प्रतिशत की YoY बढ़ोतरी के चलते हुई है। इंट्रा डे के दौरान स्टॉक BSE पर 9.74 प्रतिशत बढ़कर ₹21.29 के उच्च स्तर पर पहुंचता दिखा। हालांकि इस साल की शुरुआत से स्टॉक 7.9 प्रतिशत नीचे आ चुका है।
इसके साथ ही बैंक ने कमेंट्री की है कि इसके स्लिपेज 2.3 प्रतिशत पर रहे और ये रिटेल लोन के जरिए प्रभावित हुए। निवेश पोर्टफोलियो में प्रावधानों की वापसी ने क्रेडिट लागत को कम रखा है।
क्या है टारगेट?
हालांकि रिजल्ट्स से कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज प्रभावित नहीं है। उन्होंने कहा कि रिटेल लोन की टेंशन पॉजिटिव पहलुओं को छिपाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि हम SELL रेटिंग बनाए रखते हैं और टारगेट ₹18 रुपए प्रति शेयर कर दिया है। जबकि पहले टारगेट ₹19 प्रति शेयर था। उनका कहना है कि हम रिटेल लोन बुक में ग्रोथ पर नजर रखते हैं। कम प्रोविजनिंग के आधार से कमाई की रिकवरी में मदद करते है।
कोटक ने कहा कि YES बैंक के ट्रेंड अभी भी काफी अस्थिर हैं, क्योंकि प्रोविजनिंग का प्रभाव असर देखने को मिला है।
कैसे रहे हैं नतीजे?
Q2 यानि सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। यस बैंक ने दूसरी तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज हु है। जिसमें ₹553 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹225 करोड़ से काफी ज्यादा है। इस हिसाब से मुनाफे में 140 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। बैंक की नेट इंट्रस्ट मार्जिन (NII) 14.3% बढ़कर ₹2,200 करोड़ हो गई, जो कि Q2 FY24 में ₹1,925.1 करोड़ थी। जो मुख्य लैंडिंग ऑपरेशनों में स्थिर ग्रोथ को दिखाता है।
बैंक के एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है, जिसमें ग्रॉस-नॉन परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेश्यो पिछले तिमाही में 1.7% से घटकर 1.6% हो गया, जबकि नेट NPA रेश्यो 0.5% पर स्थिर रहा। वास्तविक रूप में, GNPAs ₹3,889.43 करोड़ पर रहा है, जो तिमाही-दर-तिमाही ₹3,844.90 करोड़ से थोड़ी बढ़ोती दिखाता है। शुद्ध NPAs पिछले तिमाही में ₹1,246 करोड़ से घटकर ₹1,168 करोड़ हो गए, जो क्रेडिट क्वालिटी में सुधार और डिफॉल्ट जोखिम में कमी को दिखाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।
