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2025 में लॉन्च होने जा रहे हैं दमदार 3 बड़े IPO!

साल 2025 में IPO बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। देश की दिग्गज कंपनियां लिस्टिंग की तैयारियों में है। ऐसे में निवेशकों के पास इन आईपीओ पर दांव लगाने का बड़ा मौका है। आइये जानते हैं किन कंपनियों के IPO को लेकर खबरे हैं।

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2025 में लॉन्च होने जा रहे हैं दमदार 3 बड़े IPO!
2025 में लॉन्च होने जा रहे हैं दमदार 3 बड़े IPO!

साल 2025 में IPO बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। देश की दिग्गज कंपनियां लिस्टिंग की तैयारियों में है। ऐसे में निवेशकों के पास इन आईपीओ पर दांव लगाने का बड़ा मौका है। आइये जानते हैं किन कंपनियों के IPO को लेकर खबरे हैं।

Reliance Jio

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मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो पर का IPO आ सकता है।कंपनी अगले साल अपना आईपीओ ला सकती है। इस IPO अनुमानित वैल्यूएशन करीब ₹9.3 लाख करोड़ ($112 बिलियन) हो सकती है। इस लिहाज से ये IPO 2025 में भारत के सबसे बड़े IPOs में से एक हो सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज Jio Platforms में 66.3% हिस्सेदारी रखती है, जबकि बाकी हिस्सेदारी Facebook, Google और अन्य प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के पास है।

IPO लाने का मकसद IPO के जरिए से माइनॉरिटी शेयरधारक अपने शेयर बेच सकते हैं। डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देना ताकि रिलायंस जियो के इस कदम से भारत की डिजिटल इकॉनमी में बड़ा योगदान देगा। आपको बता दें कि IPO का एक बड़ा हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित होगा।

HDB Financial Services

HDFC Bank अपनी गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी  एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। ये देश के सबसे वैल्यूएबल बैंक एचडीएफसी बैंक की सब्सिडियरी कंपनी है। IPO की अनुमानित राशि करीब ₹10,000 करोड़ हो सकती है। बैंक इस IPO के जरिए 10% हिस्सेदारी बेचकर ₹10,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है। HDB Financial Services ने अपने IPO के लिए लीड मैनेजर्स की नियुक्ति लगभग पूरी कर ली है।

Tata Passenger Electric Mobility (TPEML)

टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक वाहन सहायक कंपनी TPEML भी साल 2025 में आईपीओ ला सकती है। IPO अनुमानित वैल्यूएशन करीब $1-2 बिलियन करीब हो सकती है। वर्तमान में इसकी वैल्यूएशन ₹9.5-10 बिलियन के बीच आंकी गई है। आपको बता दें कि भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में कंपनी का 80% से अधिक का दबदबा है। प्रोडक्शन क्षमता की बात की जाए तो गुजरात में Ford के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का अधिग्रहण कर 4,20,000 कारों का वार्षिक प्रोडक्शन कैपेसिटी हासिल की।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।
 

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।