अब स्मार्टफोन कंपनियों को अपने प्रॉडक्ट्स पर ये चेतावनी लिखनी होगी!
स्मार्टफोन का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। स्पेन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक नया कानून लाने की तैयारी शुरु कर दी है। इसके तहत स्मार्टफोन पर तम्बाकू जैसी चेतावनी दी जाएगी जिसका मकसद लोगों को स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में आगाह करना है।

स्मार्टफोन का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। स्पेन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक नया कानून लाने की तैयारी शुरु कर दी है। इसके तहत स्मार्टफोन पर तम्बाकू जैसी चेतावनी दी जाएगी जिसका मकसद लोगों को स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में आगाह करना है। स्पेन सरकार बढ़ती मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर ये कदम उठा रही है।
स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल के नुकसान
-नींद की कमी
-तनाव और चिंता की परेशानी में बढ़ोतरी
-आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा
-बच्चों में पढ़ाई पर बुरा असर
-यहां तक कि डिप्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं
इस नए कानून के तहत स्मार्टफोन कंपनियों को अपने प्रॉडक्ट्स पर ये चेतावनी लिखनी होगी कि ज्यादा इस्तेमाल से आपकी हेल्थ को नुकसान हो सकता है। ये ठीक उसी तरह होगा जैसे तम्बाकू उत्पादों पर चेतावनी लिखी होती है। जानकारों का कहना है कि स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों और युवाओं पर सबसे ज्यादा असर डाल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक
-10 साल से कम उम्र के बच्चों का स्क्रीन टाइम 3 घंटे से ज्यादा है
-80 फीसदी युवा तनाव और नींद की कमी का शिकार हो चुके हैं
-डॉक्टरों के अनुसार हर तीसरे व्यक्ति को आंखों की समस्याएं हैं
स्पेन में डॉक्टर्स अब इलाज के दौरान मरीजों से यह पूछेंगे कि वो हर दिन कितने घंटे स्क्रीन के सामने बिताते हैं। इससे वो मरीजों की समस्याओं की वजह समझने में मदद पाएंगे। इसके साथ ही, बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों के स्क्रीन टाइम पर निगरानी रखने की सलाह दी जाएगी। स्पेन का ये कदम बाकी देशों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है। भारत जैसे देशों में भी स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जानकारों का कहना है कि स्मार्टफोन को नियंत्रित तरीके से इस्तेमाल करने की आदत डालनी चाहिए। इसके लिए स्क्रीन टाइम कम करने के तरीके इस्तेमाल करने चाहिएं जिनमें शामिल हैं।
-सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल ना करें
-बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करें
-हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें
स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल का असर केवल शरीर पर ही नहीं हो रहा बल्कि सामाजिक रिश्तों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। लोग अब अपने परिवार और दोस्तों के साथ कम समय बिताने लगे हैं। स्पेन का ये कदम एक चेतावनी है कि हमें तकनीक के साथ संतुलन बनाकर चलना होगा। स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा जरूर है लेकिन इसका सही और सीमित इस्तेमाल ही हमें शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ रख सकता है।