₹3 से सीधा ₹2.36 लाख पर पहुंचा शेयर! एक दिन में 66,92,535 प्रतिशत रिटर्न
एक ऐसा स्टॉक जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन तो सिर्फ 4,725 करोड़ रुपये है. लेकिन शेयर की कीमत 2.36 लाख रुपये प्रति शेयर है। 3 रुपए का शेयर देखते ही MRF के स्टॉक के भाव को पार कर गया है। आइये जानते हैं कंपनी और इससे जुड़ी अहम जानकारियां।

एक ऐसा स्टॉक जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन तो सिर्फ 4,725 करोड़ रुपये है. लेकिन शेयर की कीमत 2.36 लाख रुपये प्रति शेयर है। 3 रुपए का शेयर देखते ही MRF के स्टॉक के भाव को पार कर गया है। आइये जानते हैं कंपनी और इससे जुड़ी अहम जानकारियां।
नाम के स्मॉलकैप शेयर ने शेयर बाजार में बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है। 2011 से Elcid का शेयर सिर्फ 3 रुपये पर बिक रहा था। इसकी बुक वैल्यू 5,85,225 रुपये थी। इस बड़े अंतर के चलते मौजूदा शेयरधारक बेचने को तैयार नहीं थे। इसके चलते 2011 से कोई ट्रेडिंग नहीं हुई थी। यह एक दिन में 66,92,535% की बढ़ोतरी है। इसके पहले यह कभी नहीं देखा गया। Elcid अब भारत का सबसे महंगा शेयर बन गया है। इसने MRF के 1.2 लाख रुपये के भाव से भी आगे निकल गया है।
एकदम अलग स्टॉक
एल्सिड का मामला इसलिए अनसुना है क्योंकि इसमें निवेशकों की खरीदारी के दम पर नहीं बल्कि स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE की तरफ से आयोजित इंवेस्टर होल्डिंग कंपनियों में प्राइस डिस्कवरी के लिए एक स्पेशल कॉल ऑक्शन के चलते अभूतपूर्व तेजी देखी गई है। Elcid Investments की Asian Paints में 1.28% हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू 3,616 करोड़ रुपये है। यह Elcid के कुल मार्केट कैप का 80% है। 2.3 लाख रुपये प्रति शेयर पर भी Elcid सिर्फ 0.38 के प्राइस-टू-बुक मल्टीपल पर कारोबार करता है।
दरअसल शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बुक वैल्यू की तुलना में भारी छूट वाली होल्डिंग कंपनियों के लिए एक स्पेशल ऑक्शन सेशन आयोजित करने के लिए कहा था. इसके जरिए सेबी का मकसद ये था कि ऐसी कंपनियों की मौजूदा मार्केट वैल्यू और होल्डिंग कंपनियों के बुक वैल्यू के बीच अंतर को कम किया जा सके।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।