रेमंड शेयर में जोरदार तेजी! 52 Week High पर पहुंचा स्टॉक, एक साल के नीचले स्तर ₹320 से 147% का शानदार कमबैक
रेमंड लिमिटेड के शेयर में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली और स्टॉक ने नया 52 हफ्तों का हाई छू लिया। कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे, एयरोस्पेस-डिफेंस कारोबार में तेज ग्रोथ और बड़े इंजीनियरिंग ऑर्डर बुक ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

5,125.84 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली स्मॉल कैप कंपनी, रेमंड लिमिटेड (Raymond Ltd) के स्टॉक ने आज अपना फ्रेश 52 Week High 789 रुपये को टच किया है। शेयर में 52 Week Low ₹320 से अब तक 146.8% की शानदार तेजी आई है। कंपनी का शेयर अपने पुराने एडजस्टेड रिकॉर्ड हाई ₹793.33 से सिर्फ 0.47% नीचे है।
बीएसई पर आज यह शेयर 737.80 रुपये पर ट्रेडिंग के लिए खुला था और अभी तक इसने अपना इट्राडे हाई 789 रुपये को टच किया है जो इसका एक साल का उच्चतम स्तर भी है।
दोपहर 3:10 बजे तक एनएसई पर यह शेयर 3.93% .या 29.15 रुपये की तेजी के साथ 770 रुपये पर कारोबार कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 3.87% या 28.70 रुपये चढ़कर 770.20 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
लाइफस्टाइल और रियल एस्टेट बिजनेस के अलग होने के बाद Raymond में निवेशकों को अब एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और प्रिसीजन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में ज्यादा सीधा निवेश का डायरेक्ट एक्सपोजर मिला है। इस डीमर्जर के बाद Raymond Limited, Raymond Realty और Raymond Lifestyle तीन अलग-अलग कंपनियों बन चुकी हैं।
नतीजे भी मजबूत
Q1 FY2027 में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 13% बढ़कर ₹628 करोड़ हो गई। वहीं EBITDA 14% बढ़कर ₹100 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 15.9% हो गया।
कंपनी के एयरोस्पेस और डिफेंस कारोबार ने खास तौर पर मजबूत प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 40.4% बढ़कर ₹123 करोड़ पहुंच गया, जबकि EBITDA ₹26 करोड़ रहा। इस ग्रोथ को ग्लोबल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के लिए बढ़ा हुआ उत्पादन और कंपनी के बढ़ते प्रोडक्ट पोर्टफोलियो से मदद मिली।
ऑर्डर बुक का क्या हाल?
कंपनी के इंजीनियरिंग कारोबार का ऑर्डर बुक ₹5,960 करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा कंपनी के पास ₹1,632 करोड़ के नए संभावित ऑर्डर्स के लिए Request for Quotation (RFQ) पाइपलाइन भी है। कंपनी 60 से ज्यादा देशों में ग्राहकों को सर्विस देती है और उसके इंजीनियरिंग कारोबार की आधी से ज्यादा कमाई एक्सपोर्ट से आती है।

