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रतन टाटा के निधन पर झारखंड में एक दिन का राजकीय शोक, CM हेमंत सोरेन की घोषणा

मुख्यमंत्री सोरेन ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन और पद्म विभूषण रतन टाटा जी के निधन पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। उन्होंने झारखंड जैसे पिछड़े राज्य को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई।"

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Ratan Tata
Ratan Tata

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाटा समूह के मानद चेयरमैन और महान उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर गुरुवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी को जानकारी दी कि 86 वर्षीय रतन टाटा का गुरुवार रात 11:30 बजे दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वह कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।

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मुख्यमंत्री सोरेन ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन और पद्म विभूषण रतन टाटा जी के निधन पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। उन्होंने झारखंड जैसे पिछड़े राज्य को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई।"

रतन टाटा ने टाटा स्टील के माध्यम से झारखंड के जमशेदपुर में भारत का पहला औद्योगिक शहर स्थापित किया था, जो उस समय अविभाजित बिहार का हिस्सा था।

रतन टाटा का आखिरी बयान

दो दिन पहले ही, सोमवार को रतन टाटा की तबीयत बिगड़ने की खबर आई थी, जिसके बाद उनके 'एक्स' (ट्विटर) अकाउंट से एक पोस्ट जारी की गई थी। इस पोस्ट में लिखा था, "मेरी सेहत को लेकर चिंता करने के लिए सभी का धन्यवाद! मैं बिल्कुल ठीक हूं। चिंता की कोई बात नहीं है, मैं सिर्फ उम्र से जुड़ी बीमारियों के लिए अस्पताल में रूटीन चेकअप के लिए आया हूं।" हालांकि, देश के लिए यह दर्दनाक है कि इस बार वह अस्पताल से वापस नहीं लौट पाए और हमेशा के लिए अंतिम यात्रा पर निकल गए।

रतन टाटा का जीवन और योगदान

रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। वह एक अरबपति कारोबारी और उदार हृदय के व्यक्ति थे। उन्होंने 1991 से 2012 तक टाटा समूह के चेयरमैन के रूप में कार्य किया और इस दौरान टाटा समूह को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "रतन टाटा का निधन उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने भारतीय उद्योग के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। वह सच्चे अर्थों में देश के 'रत्न' थे। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार और प्रशंसकों को इस दुःख को सहने की शक्ति मिले।"

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर कहा, "रतन टाटा के निधन से भारत ने एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया है जिसने कॉर्पोरेट क्षेत्र के विकास को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। उनके द्वारा किए गए परोपकारी कार्यों की समाज में बड़ी भूमिका रही है।" उन्होंने टाटा समूह, परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

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