इस स्मॉल कैप कंपनी को महाराष्ट्र सरकार से मिला बड़ा ऑर्डर! स्टॉक में आई तेजी - आपका दांव है?
883.03 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस स्मॉल कैप कंपनी का शेयर सुबह 9:52 बजे तक एनएसई पर 2.26% या 14 रुपये चढ़कर 634 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 1.94% या 12 रुपये चढ़कर 632 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज (IFMS) कंपनियों में से एक, क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज लिमिटेड (Krystal Integrated Services Limited) का शेयर आज निवेशकों के रडार पर है।
883.03 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस स्मॉल कैप कंपनी का शेयर सुबह 9:52 बजे तक एनएसई पर 2.26% या 14 रुपये चढ़कर 634 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 1.94% या 12 रुपये चढ़कर 632 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
कंपनी ने बीते मंगलवार को अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) से करीब 134 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिला है। कंपनी को मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के तय क्षेत्रों में 3 साल तक Integrated Facility Management Services देनी होंगी। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू सभी टैक्स समेत करीब 134 करोड़ रुपये है।
हाल ही में कंपनी ने दी ये अधिग्रहण की जानकारी
Krystal Integrated Services Limited ने हाल ही में बताया था कि उसने Citelum India Private Limited में 100% हिस्सेदारी खरीद ली है। इस अधिग्रहण के बाद Citelum India, Krystal की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी बन जाएगी। इसके साथ Krystal ने सिटी लाइटिंग और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के कारोबार में एंट्री की है।
कंपनी अगले 3-4 साल में इस नए कारोबार से 300-350 करोड़ रुपये की सालाना आय का लक्ष्य रख रही है और करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी 12-15 राज्यों के 30-40 शहरों में अपना कारोबार बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके तहत स्मार्ट लाइटिंग, स्मार्ट मीटरिंग, EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य इलेक्ट्रिकल सेवाओं पर फोकस किया जाएगा।
कंपनी के सीईओ संजय दिघे ने कहा कि Citelum India का अधिग्रहण कंपनी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारोबार को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। भारत में शहरीकरण, ऊर्जा बचाने और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर बढ़ते फोकस के कारण अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ रहा है। शहरों में टेक्नोलॉजी आधारित स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ने से ऐसी कंपनियों की मांग भी बढ़ रही है, जो लाइटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के साथ लंबे समय तक उसके संचालन और रखरखाव की सेवाएं दे सकें।

