आईपीओ से पहले ही क्रिप्टो मार्केट में Jio की ट्रेडिंग शुरू, $110 अरब की वैल्यूएशन का मिल रहा संकेत
ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक क्रिप्टो एक्सचेंज Bitget ने जियो के शेयरों से जुड़ा एक खास फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च किया है। इसके जरिए निवेशक भारतीय शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग से पहले ही उसके वैल्यूएशन पर दांव लगा सकते हैं। खास बात यह है कि इस कॉन्ट्रैक्ट में चौबीसों घंटे ट्रेडिंग हो सकती है।

मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का आईपीओ अभी शेयर बाजार में आया भी नहीं है, लेकिन क्रिप्टो मार्केट में इसकी ट्रेडिंग शुरू हो गई है। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक क्रिप्टो एक्सचेंज Bitget ने जियो के शेयरों से जुड़ा एक खास फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च किया है। इसके जरिए निवेशक भारतीय शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग से पहले ही उसके वैल्यूएशन पर दांव लगा सकते हैं। खास बात यह है कि इस कॉन्ट्रैक्ट में चौबीसों घंटे ट्रेडिंग हो सकती है।
Bitget पर शुरू हुई Jio की ट्रेडिंग
क्रिप्टो एक्सचेंज Bitget ने बीते बुधवार को Jio का प्री-आईपीओ परपेचुअल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च किया। भारतीय कंपनी से जुड़ा यह अपनी तरह का पहला प्रोडक्ट माना जा रहा है। इस कॉन्ट्रैक्ट का नाम JIOUSDT है और इसमें ट्रेडिंग के लिए Tether की स्टेबलकॉइन USDT का इस्तेमाल होता है। निवेशक इसमें 20 गुना तक लीवरेज ले सकते हैं। यानी कम पूंजी लगाकर बड़ी पोजीशन बना सकते हैं। हालांकि, इससे नुकसान का जोखिम भी बढ़ जाता है।
Jio की वैल्यूएशन को लेकर क्या मिल रहे संकेत?
गुरुवार को JIOUSDT कॉन्ट्रैक्ट करीब 11.93 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। अगर इस कीमत को जियो के सभी शेयरों पर लागू किया जाए, तो कंपनी की वैल्यूएशन करीब 110 अरब डॉलर बैठती है। यह आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर अनुमानित 107 अरब डॉलर की वैल्यूएशन से थोड़ी ज्यादा है। Bitget के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में इस कॉन्ट्रैक्ट में करीब 14 लाख डॉलर की ट्रेडिंग हुई।
क्या होता है परपेचुअल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट?
आम फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की एक एक्सपायरी डेट होती है, लेकिन परपेचुअल फ्यूचर्स में ऐसा नहीं होता। इसमें लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशन लेने वाले ट्रेडर्स के बीच समय-समय पर फंडिंग पेमेंट होता है, जिससे कॉन्ट्रैक्ट की कीमत को वास्तविक बाजार के करीब रखने में मदद मिलती है।
पहले ऐसे कॉन्ट्रैक्ट मुख्य रूप से क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित थे। अब इनका इस्तेमाल शेयरों, कमोडिटी और आईपीओ से पहले की कंपनियों में भी होने लगा है।
Apollo Crypto के पोर्टफोलियो मैनेजर प्रतीक काला के मुताबिक, प्री-आईपीओ परपेचुअल फ्यूचर्स में ट्रेडिंग करने वाले निवेशक कई अंतरराष्ट्रीय आईपीओ की कीमतों का काफी सटीक अनुमान लगाते रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि बड़े और अनुभवी ट्रेडर्स भी इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
21 अक्टूबर से खुलेगा Jio का IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स अपने आईपीओ में अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। कंपनी ने 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इससे यह हुंडई मोटर इंडिया के 2024 के आईपीओ को पीछे छोड़कर देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
आईपीओ में निवेश के लिए 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकेगी। इस बीच Hyperliquid पर रियल-वर्ल्ड एसेट फ्यूचर्स उपलब्ध कराने वाली Trade.xyz भी इसी हफ्ते जियो का प्री-आईपीओ कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च करने की तैयारी में है।
